प्रशासनिक अधिकारी जेलर के कमरे में पहुंचे तो वहां बारह मोबाइल और अंग्रेजी शराब की बोतलें रखी हुई थीं। अधिकारियों ने उसे अपने कब्जे में ले लिया। पूछने पर जेलर ने बताया कि उन्होंने शनिवार को तलाशी कराई थी, जिसमें 12 मोबाइल बरामद हुए थे। डीएम ने पूछा कि इसकी सूचना डीएम, एसपी को क्यों नहीं दी गई। इसका जवाब जेलर संजय सिंह नहीं दे सके।
जेल में हैं 1150 बंदी
जेल में 1150 बंदी हैं। इसमें 70 के करीब महिलाएं शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो जेल प्रशासन की शिथिलता की वजह से जेल में बड़े पैमाने पर मोबाइल बंदी यूज कर रहे हैं। जेल के अधीक्षक एके मिश्रा के अवकाश पर होने और जेलर के कमरे से बारह मोबाइल बरामद होने को लेकर संदेह पैदा हो रहा है। कहीं जेल प्रशासन ही बंदियों को मोबाइल मुहैया तो नहीं करा रहा।
अगर नहीं तो जेल से बरामद मोबाइल की सूचना जेलर ने डीएम, एसपी को क्यों नहीं दी। वैसे जेलर संजय सिंह अपनी सफाई में कहते हैं कि उन्होंने तलाशी कराने के बाद बारह मोबाइल बरामद करने के बाद डीएम के मातहत अधिकारियों को इसकी जानकारी दी थी। लेकिन उन्होंने किसी का नाम नहीं बताया।
डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने बताया कि जेल के बैरक नंबर एक से एक बंदी के पास से एवं बारह मोबाइल जेलर के कमरे से बरामद हुए हैं। जेल अधिकारियों का स्पष्टीकरण इस मामले में मांगा गया है। स्पष्टीकरण आने के बाद शासन को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।