छत्तीसगढ़, एमपी से हो रही संदिग्धों की आमद :
कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में 17 जुलाई को जमीन संबंधी विवाद में दस लोगों की हत्या के नौ दिन बाद भी गांव की स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है। यहां भारी संख्या में पीएसी के जवान तैनात हैं। गांव में फिलहाल शांति है। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से संदिग्धों की आमद हो रही है। रिश्तेदारों के नाम पर आ पीड़ितों से आ रहे लोग आसपास के गांवों में घूम रहे हैं।
मूर्तिया ग्राम पंचायत के उभ्भा गांव में जमीन संबंधी विवाद को लेकर उपजा आक्रोश दस लोगों की हत्या की वजह बन चुका है। इसके बाद से लेकर अब तक यहां की स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है। मुख्यमंत्री, उच्चाधिकारियों, नेताओं के आगमन के बाद अब उभ्भा गांव में तमाम संदिग्ध लोगों की आमद हो रही है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से तमाम लोग मृतकों के परिजनों के रिश्तेदार के रूप में आ रहे हैं लेकिन वे लोगों से मिलकर कब लौट जा रहे हैं इसका किसी को पता भी नहीं चल रहा। ऐसे लोग मिलने के बाद आसपास के गांवों में घूम रहे हैं। पड़ोसी गांवों में लोगों से घटना के बारे में वार्ता कर रहे हैं। हालांकि गांव का माहौल शांत है लेकिन स्थिति तनाव पूर्ण है।
चर्चा यह हो रही है कि गोड़ समाज में इस तरह से मरने वालों को शहीद का दर्जा दिया जाता है। जिस जामुन के पेड़ के नीचे हत्याकांड हुआ है वहां शहीद स्थल बनवाये जाने को लेकर भी क्षेत्र में चर्चाएं हो रही हैं। चर्चा यह भी है कि मूर्तियां गांव के गुर्जर समाज के तमाम लोग गायब हैं। सुरक्षा के लिए उभ्भा गांव के प्राथमिक विद्यालय, मूर्तियां, सपही, कन्हारी मोड़ पर पीएसी तैनात है।
उभ्भा प्रकरण में तीन और गिरफ्तार :
कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में हुए नरसंहार के मामले में शनिवार को पुलिस ने तीन और अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि मूर्तिया गांव निवासी नामजद अभियुक्त अजय पुत्र आदित्य, हिरालाल कोल पुत्र चौधरी और सपही निवासी रामफल पुत्र धनई को गिरफ्तार किया गया है। अभी तक 41 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं पांच अभियुक्त आत्समपर्ण कर चुके हैं।