एसएसपी आनंद कुलकर्णी के अनुसार, 31 जुलाई को क्राइम ब्रांच प्रभारी इंस्पेक्टर सिगरा राजीव रंजन उपाध्याय को सूचना मिली थी कि वारदात की साजिश में शामिल रहे दो बदमाश हृदयपुर रिंग रोड पुलिया के पास मौजूद हैं। इस पर इंस्पेक्टर सारनाथ विजय बहादुर सिंह के साथ घेरेबंदी कर इंस्पेक्टर राजीव रंजन ने प्रभु और हैप्पी को गिरफ्तार किया।
पुलिस को दोनों ने बताया कि पुराने दोस्त बुद्धू सोनकर के बुलाने पर वह सरायमोहाना घाट पर 22 जुलाई को गए। वहां बुद्धू के दो और दोस्त मौजूद थे। तय हुआ कि धर्मेंद्र के घर जाने वाली गली के मोड़ पर हैप्पी और प्रभु खड़े रहेंगे। कोई आएगा तो दोनों उसे रोकेंगे और बुद्धू व उसके दोनों दोस्त व्यवसायी से बैग लूटेंगे।
बुद्धू और उसके दोनों साथियों ने फायरिंग कर लूटपाट की। इसके बाद सभी भाग निकले। बुद्धू ने कहा था कि यदि लूट में पांच लाख या इससे ऊपर मिले तो सभी को 80-80 हजार रुपये मिलेंगे।