तलाशी के दौरान इनके पास से एक लैपटॉप, एक कार्ड क्लोनिंग रीडर, राइटर डिवाइस, पांच एटीएम कार्ड, दो क्लोनिंग के लिए रखा गया ब्लैंक कार्ड, पांच मोबाइल, पांच हजार रुपये, एक कार और तीन अलग-अलग गाड़ियों का लिखा हुआ नंबर मिला। इसी शक के आधार पर इन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सभी ने अपना जुर्म कुबूल किया और फ्राड करने का तरीका भी बताया।
इस तरह से घटना को देते हैं अंजाम :
एटीएम कार्ड से रुपये निकालते समय गिरोह के सदस्य केबिन में खड़े रहते हैं। जैसे ही कोई अनजान व्यक्ति कार्ड मशीन में डालता है। तुरंत मशीन पर लगे नंबरों के ऊपर दिए गए बटन को दबा देते हैं, जिससे मशीन हैंग हो जाती है। इस दौरान जालसाज चालाकी से कोड और एटीएम मशीन से निकलने वाली रसीद के जरिए कार्ड का नंबर प्राप्त कर लेते हैं। राइटर डिवाइस के जरिए कार्ड को रीड कर उस कार्ड का डुप्लीकेट कार्ड बनाकर खाते से रुपये उड़ाते हैं। कुछ लोगों का कार्ड बदलकर भी खाते से रुपये निकालते हैं।
पहले भी संदीप हो चुका है गिरफ्तार :
गिरफ्तार किए गए तीनों जालसाज में संदीप यादव पूर्व में भी गिरफ्तार हो चुका है। वह इन दोनों को सरगना है। पूछताछ के दौरान संदीप यादव ने बताया कि उसका फ्राड का यह तरीका सिखाने वाला गुरु झारखंड का रहने वाला है। उससे मुंबई में मुलाकात हुई थी।
एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि गिरफ्तार इन तीनों आरोपियों का चालान कर दिया गया। इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।