पितरकुंडा में विस्फोट के बाद राहत कार्य में जुटी पुलिस।
चेतगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पितरकुंडा तिराहा के समीप घनी आबादी के बीच संकरी गली में स्थित दो मंजिला मकान में अवैध तरीके से पटाखे बनाने के दौरान मंगलवार रात सवा सात बजे जोरदार धमाका हुआ और आग लग गई। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हो गए। एक घायल महिला की हालत गंभीर है। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। इसके चलते कमिश्नर, डीआईजी, डीएम और एसएसपी शहर के कई थानों की फोर्स और पीएसी के साथ देर रात तक मौके पर डटे रहे। दो लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका के कारण एनडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन जारी रहा। मकान में और धमाके होने की आशंका जताई जा रही है। इसलिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
पितरकुंडा तिराहा के समीप कब्रिस्तान से सटा हुआ मो. हनीफ का दो मंजिला पुराना मकान है। मकान में उनके बेटे हबीब, हमीद, रशीद और दो किरायेदारों का परिवार सहित 20 से अधिक लोग रहते हैं। मंगलवार की रात करीब सवा सात बजे मकान में तेज धमाका हुआ और आग लग गई। धमाका इतना जबरदस्त था कि एक कमरे की छत उड़ गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मलबे में दबी शबनम को बाहर निकाला और चपेट में आई मंतसा, सानिया, मुतताज सहित छह लोगों को अस्पताल पहुंचाया। शबनम के सिर में गंभीर चोट होने के कारण उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया।
इस बीच घायलों को अस्पताल छोड़कर परिवार के कुछ लोग घर पहुंचे और अन्य सदस्यों को खोजने लगे। सभी ने आशंका जताई कि कुछ लोग अभी भी मलबे के नीचे ही दबे हैं। शोर-शराबा शुरू हुआ तो मुहल्ले के लोग पहुंचे और अफरातफरी मच गई। सूचना पाकर एसएसपी नितिन तिवारी मौके पर पहुुंचे और रात 11:20 बजे एनडीआरएफ से मदद मांगी। इलाकाई लोगों के गुस्से को देखते हुए आनन-फानन में शहर भर की फोर्स मौके पर बुलाई गई। मुहल्ले के लड़कों की मदद से ही सरफराज, आमना पत्नी सईद और एक किशोरी का शव मलबे से निकाला गया। नदेसर निवासी सरफराज अपने ननिहाल आया था, जबकि आमना अपने मायके में रह रही थी।