इस पर पासपोर्ट आफिस के कर्मचारियों को शंका हुई और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इस पर इंस्पेक्टर भेलूपुर राजीव रंजन उपाध्याय ने उसे हिरासत में ले लिया।
एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह के अनुसार, पूछताछ में आबिद ने बताया कि साहबे आलम 2013 से 2018 तक कुवैत में काम करता था। आबिद का दोस्त भी कुवैत में था। आबिद के दोस्त ने साहबे आलम से कहा कि उसके दो दोस्तों का भारतीय पासपोर्ट बनवा दे तो उन्हें कुवैत में जॉब आसानी से काम मिल जाएगा।
साहबे आलम वापस आया और लगभग तीन माह पहले चेरामतुल्ला का पासपोर्ट मो. ताहिर के नाम से बनवाया। उसे कुवैत में काम नहीं मिला तो वह कोलकाता में रहने लगा। इसके बाद साहबे आलम ने आबिद को पासपोर्ट बनवाने के लिए बुलाया।