रामप्रताप के जेल जाने से उसके बच्चे काफी आक्रोश में थे। मंगलवार को होली के दिन करीब तीन बजे होली खेलने के बाद सूर्यभान अपनी दुकान खोलने के लिए घर से कप्तानगंज बाजार जाने के लिए निकला। अपने घर से वह करीब 50 मीटर आगे बढ़ा होगा, कि तभी विपक्षी रामप्रताप के बेटे लालमुनी, बहादुर, राजेश और वीरेंद्र लाठी-डंडा, लोहे की सरिया आदि से लैस होकर सूर्यभान पर हमला बोल दिया।
घटना की जानकारी होने पर बीच बचाव के लिए परिवार के जो भी सदस्य पहुंचे उसे पीटा। घटना से गांव में तनाव उत्पन्न हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। सूर्यभान को वाराणसी ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। शेष अन्य का इलाज चल रहा।
घटना के संबंध में सूर्यभान के भाई घनश्याम ने तहरीर देकर लालमुनी, बहादुर, विरेंद्र, राजेश को आरोपित किया है। एसपी ग्रामीण, नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुरानी रंजिश के चलते इस घटना को अंजाम दिया गया। केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही। सभी घर छोड़कर फरार हैं। ऐहतियातन गांव में फोर्स तैनात की गई है।