एक महीने पहले नितेश की मां मनोरमा देवी(65) गांव से अपने बेटे के यहां आई थी। उनका इलाज वाराणसी में चल रहा है। शुक्रवार को नितेश काम पर चला गया। उसकी मां मनोरमा देवी घर में अकेली थी।
दोपहर करीब सवा दो बजे एक व्यक्ति नीतेश के घर का दरवाजा खटखटाया। मनोरमा देवी ने दरवाजा खोला तो वह अंदर घुस आया। मनोरमा कुछ समझ पाती। इससे पहले उसने घर में रखे आलमारी, बक्से आदि खोलने लगा।
सामान की लूट होते देख मनोरमा देवी ने शोर मचाया। यह देख बदमाश ने उन्हें पकड़ लिया और पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद भी महिला विरोध करती रही और चिल्लाने लगी। इस पर उसने धारदार चाकू निकाल लिया और महिला के गले पर वार कर दिया। हमले से गले में गहरा घाव हो गया।
शोर सुनकर लोगों को जुटता देख बदमाश भाग निकला। मौके पर जुटे लोगों ने मनोरमा देवी के बेटे नितेश को फोन कर सूचित किया। सूचना पर पहुंची डायल 100 पुलिस ने महिला को राजकीय महिला अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद महिला की हालत गंभीर देख कर ट्रामा सेंटर बीएचयू रेफर कर दिया।
नीतेश के अनुसार घर में सामान की लूट हुई है, हालांकि कितना सामान गया है। यह कहना मुश्किल है। मां की हालत देखकर बेटा भी बेसुध था। काफी पूछने के बाद उसने बताया कि आठ से 10 हजार का सामान गया है। वह भी कुछ बताने की स्थिति में नहीं है।
सीओ सदर त्रिपुरारी पांडेय ने कहा कि महिला को गंभीर हाल में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमला कर लूट हुई है कि नहीं इसकी जांच की जा रही है। अभी किसी तरह की तहरीर नहीं मिली है। जांच के बाद ही असलियत सामने आएगी।