छत्तीसगढ़ के बीजपुर में सोमवार भोर में नक्सली हमले में बैराखास निवासी छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (एसटीएफ) के जवान सुलभ उपाध्याय शहीद हो गए। शाम को चार बजकर 45 मिनट पर सेना के विशेष हेलीकाफ्टर से पार्थिव शरीर ज्ञानपुर पुलिस लाइन पहुंचा।
वहां से एंबुलेंस से पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचाया गया। रामपुर गंगा घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
ज्ञानपुर से सटे बैराखास गांव निवासी अशोक उपाध्याय के दो पुत्रों में सुलभ उपाध्याय (23) का 2013 में छत्तीसगढ़ आर्म्स फोर्स में चयन हुआ था।
चयन के बाद से ही नक्सल बेल्ट में उनकी तैनाती हुई थी। 10 दिन पूर्व नक्सली हमले में कई जवानों के शहीद होने के बाद से ही छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया जा रहा था।
सोमवार भोर में करीब तीन बजे ऑपरेशन के दौरान एसटीएफ जवानों पर नक्सलियों ने हमला कर दिया। शरीर में कई गोली लगने से सुलभ उपाध्याय शहीद हो गए। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गॉर्ड ऑफ ऑनर देने के बाद शाम चार बजकर 45 मिनट पर वायुसेना के विशेष हेलीकाप्टर से शहीद सुलभ का पार्थिव शरीर ज्ञानपुर पुलिस लाइन पहुंचा।
वहां मौजूद लोगों ने भारत माता की जय, जब तक सूरज चांद रहेगा सुलभ तेरा नाम रहेगा... से श्रद्धांजलि दी। डीएम विशाख जी और एसपी सचींद्र पटेल की देखरेख में यहां से एंबुलेंस से पार्थिव शरीर बैरा खास भेजा गया।
परिवार के सदस्य गोपाल उपाध्याय ने बताया कि सुलभ अप्रैल में घर आया था। चार मई को वह ड्यूटी पर रवाना हुआ था।