अन्य परिवारिक रिश्तेदारों और पड़ोसियों की निगाह से बचने के लिए दोनों का इरादा था कि जक्खा में दो मंजिला मकान बेचकर कहीं और शिफ्ट हो जाया जाए। इसी बीच दोनों ने कचहरी स्थित एक अधिवक्ता से मुलाकात करते हुए मकान बेचने की पेशकश की तो मकान दोनों बेटे अमित 12 वर्ष व गौरव 10 वर्ष के नाम था।
मां शांति ने प्रेमी विकास के संग मिल अपने कलेजे के टुकड़े को रास्ते से हटाने की साजिश रची। 17 फरवरी की दोपहर शांति ने सुंदरपुर स्थित एक दुकान से धारदार चाकू खरीदा और प्रेमी विकास से गौरव को लेकर रोहनिया स्थित अमरा अखरी पहुंचने के लिए कहा। शाम के वक्त विकास साईकिल पर बैठाकर गौरव को लेकर अमरा अखरी पहुंचा, जहां हाईवे पर खड़े दो ट्रकों के बीच में अंधेरे का मौका पाकर मां शांति ने बेटे की गला रेत दी।
इसके बाद प्रेमी विकास ने ईंट पत्थर से कई वार करके गौरव को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद वहीं पास स्थित गड्ढे में शव फेंक भाग निकले। एसपी सिटी दिनेश सिंह ने बताया कि हत्या के बाद मां शांति ने दूसरे दिन आकर बेटे की गुमशुदगी का भेलूपुर थाना में मुकदमा दर्ज कराया था। मोबाइल काल डिटेल से सारा राज पर्दाफाश हो गया।
बड़े बेटे को भी मौत के घाट उतारने की तैयारी में थी मां
प्रेमी के प्यार में अंधी मां को अपने कलेजे के टुकड़े पर तनिक भी रहम नहीं आया। गौरव बिंद की मौत के बाद मां शांति अपने बड़े बेटे की मौत की योजना भी बनाने लगी थी। पुलिस की पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ।
पति की मौत का रहस्य खंगालेगी भेलपुर पुलिस
दो साल पूर्व आत्महत्या करने वाले पति भरत बिंद की मौत का भी रहस्य अब पुलिस खंगालने में जुट गई है। पता लगाया जा रहा है कि कहीं भरत बिंद की भी हत्या तो नहीं हुई थी। पुलिस ने इन बिंदुओं पर भी जांच शुरू कर दी है।