मिर्जापुर में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट आलोक पांडेय ने जितेंद्र उर्फ बऊ को 115 ग्राम हेरोइन रखने के आरोप में बुधवार को पांच वर्ष की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। सजा सुनते ही हेरोइन तस्कर बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा उपनिरीक्षक राममिलन यादव ने निरीक्षण के दौरान कटरा कोतवाली क्षेत्र के रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर संदिग्ध अवस्था में जितेंद्र उर्फ बऊ पुत्र विश्वनाथ को एक दिसंबर 2013 को गिरफ्तार किया था।
तलाशी के दौरान उसके पास से 115 ग्राम हेरोइन बरामद हुआ था। हेरोइन बरामद होने पर उपनिरीक्षक ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए जेल भेज आरोप पत्र न्यायालय में दिया था।
बुधवार को हुई सुनवाई में अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता इस्लाम अहमद ने सभी गवाहों को प्रस्तुत कराया। गवाहों के बयान, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने आरोपी का दोषसिद्घ पाए जाने पर पांच वर्ष की सजा सुनाई।
इसके साथ ही 20 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। न्यायालय में उपस्थित आरोपी जितेंद्र सजा सुनते ही बेहोश होकर गिर पड़ा। न्यायालय ने आरोपी को पुलिस कस्टडी में जिला चिकित्सालय भेजने का निर्देश दिया।