उधार दिए गए पांच सौ रुपये मांगना पूर्व प्रधानाचार्या को महंगा पड़ गया। इस बात से नाराज होकर लेनदार व उसके साथी ने पूर्व प्रधानाचार्या को मौत के घाट उतार दिया। वारदात को अंजाम मंगलवार रात को तब अंजाम दिया गया जब प्रधानाचार्या और उसका परिवार सो रहा था।
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रात के अंधेरे में जब पूर्व प्रधानाचार्या पर हमला हुआ तो उसकी बेटी बचाने दौड़ी। हमलावरों ने बेटी को भी घायल कर दिया। महिलाओं की चीख पुकार पर पहुंचे पड़ोसियों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को तुरंत वाराणसी स्थित एक अस्पताल में लाकर भर्ती कराया। घटना मंगलवार की देर रात क्षेत्र के मिर्जापुर जिले के भुड़कुड़ा गांव की है। हत्या के कारणों के बारे में यह बात खुल कर सामने आई है कि मृतका ने एक आरोपी को पांच सौ रुपये उधार दिये थे।
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काफी दिन बीत जाने के बाद भी जब आरोपी ने पैसा वापस नहीं किया तो शिक्षिका ने उससे रुपये मांगना शुरू कर दिया, फिर भी पैसा वापस नहीं मिला तो शिक्षिका ने उसे कुछ लोगों के सामने बेइज्जत किया था जिससे खफा हो कर उसने हत्या का प्लान बना लिया।
क्षेत्र में सनसनी फैल गई
सांकेतिक चित्र
पुलिस ने बताया कि मृतका के भतीजे चंद्रभूषण सिंह आरोप लगाया कि कौशल देवी(62) अपने पति धनंजय सिंह व पुत्री प्रीति सिंह तथा दो नातियों के साथ के साथ घर के कमरे में सोई हुई थी। मंगलवार की देर रात लगभग साढ़े 10 बजे पड़ोस में ही रहने वाले बरकत और पप्पू ने घर में घुस कर कौशल देवी के ऊपर धारदार हथियार से हमला कर करते हुए हत्या कर दिया।
वहीं मृतका की बेटी प्रीति सिंह (30) चीख पुकार सुन कर अपने कमरे से बाहर निकली तो हत्यारों ने उसके ऊपर भी चाकुओं से हमला कर घायल कर दिया और भाग निकले। हत्या की सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
अहरौरा, चुनार, अदलहाट पुलिस के साथ ही आलाधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंच गए। हत्या की सूचना पर स्थलीय निरीक्षण करने आए पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने बताया कि मृतका के भतीजे चंद्रभूषण सिंह की तहरीर पर पुलिस ने पड़ोस के ही रहने वाले बरकत पुत्र इमाम व रविशंकर उर्फ पप्पू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
दोनों आरोपियों को हिरासत में लेते हुए गहनता से मामले की छानबीन की जा रही है।
मरने का बहाना किया तब बची जान
मौके पर पहुंचे अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व प्रधानाधाचार्य कौशल देवी की हत्या करने के दौरान चीख पुकार सुन कर कमरे में पहुंची उनकी बेटी को मारने की नीयत से हत्यारोपियों ने हमला कर दिया। चाकू से दोनों हाथों की नसों को काटने के बाद उसके पेट में कई वार कर दिया। इससे वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ी और मृत होने का बहाना कर लिया। इससे बदमाशों ने उसे भी मृत समझ कर चले गए। जिससे उसकी जान बच गई। हालांकि उसकी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
भुड़कुड़ा गांव निवासिनी एवं पूर्व प्राधानाचार्य कौशल देवी की हत्या करने के लिए गांव के ही दो बदमाश आए थे। बदमाशों ने कौशल देवी के कमरे में घुस कर धारदार हथियार से उसके ऊपर हमला कर दिया और तब तक हमला करते रहे जब तक उसकी जान नहीं चली गई।
इसीबीच शोरगुल सुनकर बगल के कमरे में सो रही उनकी बेटी प्रीती सिंह भी पहुंच गई। जिसे देखते ही बदमाशों ने पहचान होने की डर से प्रीती पर भी हमला कर दिया। एक बदमाश ने उसे पकड़ कर उसी हाथों की नसें काट दीं।
इसके बाद उसके पेट में चाकू से हमला वार करने लगे। कई चाकू मारने के कारण वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ी। लेकिन इसी बीच उसने मरने का बहाना कर लिया। मां बेटी की मौत होना देख बदमाश वहां से चले गए।
हालांकि घर में मौजूद मृतका के पति धनंजय सिंह को विक्षिप्त होने की वजह से तथा प्रीति के दोनों बच्चों को सोने के चलते बदमाशों ने उनकी हत्या नहीं की और वहां से चले गए।
मृतका कौशल देवी के बहन के पुत्र बमबम सिंह वाराणसी में डीएसपी के पद पर तैनात हैं । हत्या की जानकारी मिलते ही वह भुडकुडा स्थित अपने मौसी के घर पर पहुंच गए और रात में ही शव को मोर्चरी हाउस भेज कर पोस्टमार्टम करवाया।
खून से लथपथ इलाज के लिए तड़प रही अध्यापिका प्रीति सिंह को सूचना मिलने पर पहुंचीं डायल 100 की पुलिस ने तुरंत वाराणसी के एक अस्पताल में सरकारी गाड़ी से ही ले जाकर भर्ती कराया। जिसकी जानकारी होते ही पु
लिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने डायल 100 पुलिस की टीम को दो हजार रुपये इनाम देने का घोषणा किया। एसपी ने बताया कि बिना समय गंवाए ही डायल 100 पुलिस मौके पर पहुंच गई और घायलावस्था में इलाज के लिए तड़प महिला को सूझबूझ का परिचय देते हुए अस्पताल में भर्ती कराया।