नगर निगम पुलिस चौकी के ठीक सामने निगम के परिवहन विभाग की वर्कशॉप में चौकीदार विजय सिंह रावत (55) की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
साथ ही, हत्यारे वर्कशॉप से बैटरी समेत ढाई लाख रुपये के सामान भी लूट ले गए।
सिगरा थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात यह घटना हुई। फोरेंसिक टीम के अनुसार हत्या से पहले बदमाशों और विजय के बीच जमकर संघर्ष हुआ था।
हत्यारों ने पहले विजय के सिर पर रॉड और टायर लीवर से प्रहार किया। फिर उसके सिर पर कंप्रेशर मशीन का मोटर पटक कर उसकी हत्या कर दी। घटनास्थल से खून से सना रॉड, लीवर और कंप्रेशर मशीन का मोटर मिला है।
मूल रूप से अल्मोड़ा (उत्तराखंड) निवासी विजय चौकाघाट के लक्खीपुरा स्थित नगर निगम कॉलोनी में अपने चचेरे भाई भगत सिंह रावत के साथ रहता था।
भगत नगर आयुक्त कैंप कार्यालय में टेलीफोन ऑपरेटर है। नगर निगम में विजय परिवहन विभाग के चौकीदारों की गैर मौजूदगी में विकल्प के तौर पर काम करता था। हालांकि नगर निगम में वह क्लीनर के पद पर तैनात था। मंगलवार की रात भी वह वर्कशॉप की सुरक्षा में लगा था।
बुधवार की सुबह नगर निगम का चालक मनोज रावत रात की ड्यूटी पूरी कर वर्कशॉप में पहुंचा तो देखा कि वहां सामान बिखरे पड़े हैं और खून से लथपथ विजय औंधे मुंह पड़ा है।
उसने फौरन उच्चाधिकारियों को सूचना दी तो मौके पर पुलिस पहुंची। जिस कमरे में विजय का शव मिला वहां के सामान अस्त-व्यस्त थे और कुर्सी टूटी हुई थी। इससे अंदाजा लगाया गया कि हत्या से पहले बदमाशों और विजय के बीच जमकर संघर्ष हुआ था। इस बीच नगर निगम के तहसीलदार और प्रभारी अधिकारी (परिवहन) अविनाश कुमार ने बताया कि ट्रकों की एक दर्जन से ज्यादा बैटरी और स्क्रैप सहित लगभग ढाई लाख रुपये का सामान गायब है। विजय की पत्नी शांति को घटना की सूचना दे दी गई है।
परिवार के लोग अल्मोड़ा से चल चुके हैं। एसओ सिगरा विनय प्रकाश सिंह का कहना है कि चौकीदार विजय के हत्यारों को जल्द ही गायब हुए सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं। क्राइम ब्रांच की भी मदद ली जा रही है।