आरपीएफ और सीआईबी की टीम ने बनारस में मंगलवार की देर शाम एक कंप्यूटर सेंटर पर छापेमारी कर ई-टिकट बनाने के फर्जीबाड़े का भंडाफोड़ किया। साथ ही कई उपकरण और लाखों रुपए के टिकट बरामद कर एक आरोपी को धर दबोचा। मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया।
कई दिन से आरपीएफ को यह सूचना मिल रही थी कि वाराणसी के फूलपुर स्थित सिंधौरा बाजार स्थित एक कंप्यूटर सेंटर से बड़े पैमाने पर ई- टिकट का फर्जीवाड़ा चल रहा है।
इस फर्जीवाड़े के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल के वरिष्ठ कमांडेंट आरके शर्मा के निर्देशन में सीआईबी टीम ने कंप्यूटर सेंटर पर छापेमारी कर वाराणसी के राजपुर गांव निवासी सेंटर मालिक सर्वेश मौर्य को धर दबोचा।
साथ ही सेंटर से तीन लाख 65 हजार 851 रुपये की 163 ई-टिकट, 27 हजार 840 रुपये नकदी, दो लैपटॉप, एक प्रिंटर, चार नेट सेटर, चार अलग-अलग बैंकों के एटीएम एवं पासबुक, फर्जी 23 आधार कार्ड और चार ग्रीन कार्ड भी बरामद किए। पकड़े गए आरोपी से टीम ने पूछताछ करने के बाद औड़िहार स्टेशन स्थित थाने में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
आरपीएफ थाना प्रभारी निरीक्षक नरेश मीणा ने बताया कि साफ्टवेयर से आईआरसीटीसी साइट हैक कर फर्जी आईडी और ग्रीन कार्ड के सहारे लंबे समय से ई-टिकट बनाने का खेल चल रहा है।
बीते 15 अप्रैल को सीआईबी टीम ने आजमगढ़ के मेहनाजपुर से रोहित प्रजापति को गिरफ्तार कर चार लाख के फर्जी आईडी पर ई-टिकट के मामले का पर्दाफाश किया था। पकड़ा गया आरोपी सर्वेश मौर्य पूर्व में पकड़े गए रोहित प्रजापति गैंग से जुड़ा हुआ है। रेलवे सुरक्षा बल वाराणसी मंडल के कमांडेंट आरके शर्मा ने बताया कि इस कामयाबी पर टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।