कोलकाता में फर्जी कंपनी बनाकर एक्सिस बैंक की चौक शाखा में 2.35 करोड़ रुपये जमा करने का मामला सामने आया है। ये रुपये नोटबंदी की घोषणा के बाद 10 से 29 नवंबर के बीच जमा किए गए। ये रुपये चौखंभा निवासी सोने-चांदी का मुकुट बनाने वाले कारोबारी सुधीर रस्तोगी ने कंपनी के निदेशक की हैसियत से जमा किए थे।
इसमें से 1.78 करोड़ रुपये आयकर विभाग ने सीज करते हुए उसे सरकारी खजाने में जमा करा दिया। बाकी रुपये कहां ट्रांसफर किए गए हैं, इसकी जांच की जा रही है। शुक्रवार को यह खुलासा आयकर कार्यालय में सहायक निदेशक (जांच) जीआर निर्वाण ने पत्रकारों से बातचीत में किया। बताया कि बैंक के रिकॉर्ड में कंपनी का जो पता दर्ज कराया गया है, उसकी कोलकाता में जांच कराई गई तो उस पते पर कोई कंपनी नहीं मिली।
सहायक निदेशक ने बताया कि कोलकाता की हिमाद्रि विनकाम प्रा. लि. कंपनी के एक्सिस बैंक की चौक शाखा के खाते में जमा किए गए। इसमें 15 नवंबर को ही 55 लाख रुपये जमा हुए थे।
मुकुट कारोबारी सुधीर रस्तोगी द्वारा रुपये जमा कराने की सूचना मिलने पर आयकर की टीम ने जांच शुरू की तो मामले की परत-दर-परत खुलती गई। आयकर अधिकारी सुधीर के घर पहुंचे तो सुधीर ने पल्ला झाड़ते हुए एक साल पहले ही इस कंपनी से इस्तीफा देने की बात कही। जब टीम कोलकाता पहुंची तो वहां इस नाम की कोई कंपनी मिली ही नहीं।
बैंक के रिकॉर्ड खंगाले गए तो पता चला कि अथॉरिटी लेटर पर भी सुधीर के हस्ताक्षर थे। जो रुपये जमा कराए गए, उस पर सुधीर रस्तोगी की पत्नी के भी हस्ताक्षर हैं। बताया कि इन लोगों ने कई खातों में रुपये ट्रांसफर भी कर दिए थे। खाते में एक करोड़ 78 लाख 22 हजार 548 रुपये बचे थे। डीडी बनवाकर उसे सरकारी खजाने में जमा करा दिया गया। निर्वाण ने बताया कि इसके अलावा अन्य खातों की जांच की जा रही है।