साढ़े तीन फुट गहरे तालाब में कैसे डूब गया मनीष
फूलपुर थाना के जाठी गांव स्थित कमलगट्टा और करेम वाले साढ़े तीन फीट गहरे तालाब के बीचोबीच आखिर मनीष ओझा पहुंचा कैसे? मनीष की मौत के 59 दिन बाद भी यह सवाल उसके परिवारीजनों के लिए पहेली बना हुआ है। परिवारीजनों का आरोप है कि मनीष की मौत तालाब में डूबने से नहीं हुई बल्कि उसकी हत्या कर लाश तालाब में फेंकी गई थी। उनका कहना है कि फूलपुर थाने में गौरव सिंह, आलोक सिंह और अभिषेक सिंह के खिलाफ दर्ज हत्या के नामजद मुकदमे में पुलिस का रवैया बेहद लचर है। फूलपुर पुलिस की पूरी कार्रवाई सवालों के घेरे में है लेकिन उनकी गुहार सुनने वाला कोई नहीं। गौरतलब है कि मनीष का शव बीते साल 26 नवंबर को तालाब में मिला था।
हुकुलगंज निवासी मनीष के चाचा डॉ. पंकज कुमार ओझा ने शनिवार को बताया कि उनके भतीजे को फोन करके उसके दोस्त गौरव सिंह ने बक्सर से बीते 24 नवंबर को बुलाया था। मनीष के आने पर गौरव ने उसे बताया कि आज ही उसका जन्मदिन है और दोस्त सौरभ राय की शादी भी है। शादी में ही रात 12 बजे के बाद जन्मदिन मनाया जाएगा। बारात में शामिल होने के लिए गौरव के साथ मनीष जाठी गांव गया। रात 12 बजे तक शादी में मनीष देखा गया लेकिन उसके बाद उसका पता नहीं लगा।
काफी खोजबीन के बाद 26 नवंबर की दोपहर बाद मनीष का शव जनवासे के समीप स्थित तालाब के बीचोबीच मिला। फूलपुर पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मनीष की मौत डूबने और जहरीले जंतु के काटने से हुई है। उधर, परिवार वालों का कहना है कि जिस तालाब की गहराई ही साढ़े तीन फीट हो, उसमें भला कोई कैसे डूब सकता है। पुलिस पूरे मामले में लीपापोती कर रही है और आरोपियों को बचाने की जुगत में लगी हुई है।