जिले में लूट और छिनैती की वारदातों को अंजाम देने में 16 पढ़े लिखे नवयुवकों के गिरोह की भूमिका सामने आई है। हालांकि इनका सरगना आठवीं पास जबकि गुर्गे स्नातक हैं। क्राइम ब्रांच और एसटीएफ का जवान बताकर गिरोह के सदस्य वाहन सवार लोगों को तलाशी के नाम पर रोकते थे और असलहे के बल पर लूट कर धमकाते हुए भाग निकलते थे।
लंका पुलिस द्वारा एक स्कार्पियो, लूट के 11 मोबाइल व 15300 रुपये, दो कट्टा और चार कारतूस के साथ गिरफ्तार किए गए तीन बदमाशों ने सोमवार को यह बातें चेतगंज स्थित सीसीआर में एसपी सिटी सुधाकर यादव को बताईं। तीनों की निशानदेही पर नाम और पता के साथ लंका, मंडुवाडीह, भेलूपुर और रोहनिया के 13 अन्य बदमाश चिह्नित किए गए हैं। लंका थाना के करमाजीतपुर में 15 जनवरी की रात मुगलसराय निवासी युवराज गुप्ता की बाइक को क्षतिग्रस्त कर स्कार्पियो सवार कुछ लोग उसे असलहे के बल पर जबरन डाफी बाईपास ले गए। वहां एटीएम से रुपये निकलवाकर उसे मारपीट कर भगा दिया।
सोमवार को लंका एसओ संजीव कुमार मिश्र और उनकी टीम ने नरायनपुर डाफी चौराहा पर घेरेबंदी कर एक स्कार्पियो के साथ तीन लोगों को पकड़ने में कामयाबी पाई। तीनों की शिनाख्त क्रमश: भेलूपुर के सरायसुर्जन निवासी शहजाद उर्फ शहरे आलम, बृजइनक्लेव निवासी राहुल उपाध्याय और लंका के करमाजीतपुर निवासी आशीष यादव के तौर पर हुई है। पूछताछ में तीनों ने बताया कि उनके गिरोह ने लंका, भेलूपुर और रोहनिया सहित आसपास के अन्य थाना क्षेत्रों में लूट की कई वारदात को अंजाम दिया है।