हरिभानपुर में बुधवार को शव दफनाने के विवाद में युवक की हत्या के बाद रोते-बिलखते परिवार के लोग
कपसेठी के हरिभानपुर गांव में बुधवार को जो कुछ भी घटित हुआ, उसके लिए केवल गांव के लोग ही नहीं बल्कि प्रशासनिक तंत्र भी कम जिम्मेदार नहीं है। गांव के लोगों का कहना है कि राजस्व विभाग ने यदि कब्रिस्तान की पैमाइश कराकर चहारदीवारी बनवा दी होती तो इस खूनी संघर्ष को टाला जा सकता था।
कब्रिस्तान की जमीन को लेकर हरिभानपुर और गहरपुर गांव के बीच पांच साल से विवाद चल रहा है। कई दफा पैमाइश के बाद भी विवाद नहीं सुलझा। जब भी यहां शव दफनाने की कोशिश हुई तो गांव के दूसरे वर्ग के लोगों ने विरोध किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद विवाद तो सुलझ जाता मगर इसके स्थायी समाधान में किसी ने रुचि नहीं ली और दोनों गांवों में दुश्मनी ठनी रही। अंदर ही अंदर सुलग रही चिंगारी बुधवार को भड़क उठी। बवाल इतना बढ़ गया कि एक युवक की हत्या कर दी गई।
अधिकारियों का कहना है कि एसडीएम राजातालाब ने शव दफनाने के लिए दोनों पक्ष को राजी कर लिया था मगर कुछ युवकों के दुस्साहस से बात बिगड़ गई। मारपीट में एक युवक की जान चली गई। हरिभानपुर गांव के रहने वाले वहाब बताते हैं कि काशी नरेश ने हरिभानपुर के लोगों को कब्रिस्तान के लिए जमीन दी थी। वहीं, गहरपुर के पूर्व प्रधान विजयी सिंह का कहना है कि जमीन हम लोगों की है। इसे कब्रिस्तान की जमीन में जबरन मिलाया जा रहा है। एसडीएम राजातालाब त्रिभुवन राम ने बताया कि यह पांच साल पुराना मामला है। कब्रिस्तान का मुकदमा मेरे कोर्ट में चल रहा है। विवाद को साक्ष्य के आधार पर निस्तारित करने का प्रयास जारी है। फैसले के बाद सीमांकन कराकर चहारदीवारी बनवाई जाएगी।
कपसेठी की घटना प्रशासनिक चूक
भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष एमएलसी लक्ष्मण आचार्य ने कपसेठी के हरिभानपुर गांव में बुधवार को घटी वारदात को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि यह प्रशासनिक चूक का नतीजा है। प्रशासन ने अगर कब्रिस्तान के जमीन का विवाद समय रहते निबटा दिया होता तो आज इतना बड़ा बवाल न होता। आचार्य ने पुलिस कप्तान आकाश कुलहरि से कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। किसी निर्दोष को नहीं फंसाया जाना चाहिए।