गाजीपुर में शनिवार की सुबह स्कार्पियो की चपेट में आने से बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना तत्काल ग्रामीणों ने पुलिस को दी, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। गांव के कुछ युवकों ने पीछा कर स्कार्पियो को घेर लिया और चालक की जमकर पिटाई कर दी।
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करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस को देखते ही ग्रामीण उग्र हो उठे और पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस भाग खड़ी हुई। तीसरे राउंड में पहुंचे एसपीआरए प्रदीप कुमार दुबे सहित छह थानाध्यक्षों पर पथराव कतरे हुए दौड़ा लिया। मजबूरन पुलिस को लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले, रबर की गोलियां तक दागनी पड़ी।
इससे ग्रामीण और उग्र हो गए और एसपीआरए सहित पांच पुलिस कर्मियों को बंधक बना लिया। बाद में पुलिस कप्तान सोमेन वर्मा ने ग्रामीणों से बातचीत कर किसी तरह मामले को शांत कराया। इस दौरान जिलाधिकारी संजय खत्री भी बहरियाबाद थाने पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
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थाना क्षेत्र के अकबरपुर निवासी अखिलेश राजभर पुत्र सूर्यनाथ राजभर अपनी बहन संतरा देवी को लाने के लिए बाइक से माधव टंडा गांव जा रहा था। वह जैसी ही सैदपुर-चिरईयाकोट मुख्य मार्ग पर पहुचा, तभी विपरीत दिशा से आ रही स्कार्पियो की चपेट में आ गया। घटना में लगभग 50 मीटर तक बाइक घसिटती चली गई। जिसमें अखिलेश राजभर गंभीर रूप से चुटहिल हो गया।
घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और 100 नंबर तथा 108 को फोन किया गया। जबकि कुछ युवक चालक का पीछा कर उसे पकड़ लिए और पीटने लगे। स्कार्पिया गुड्डू राम निवासी परमानपुर थाना तरवां जिला आजमगढ़ की थी। वही उसे चला रहे थे। उधर सूचना के काफी देर बाद दारोगा राघोराम यादव के नेतृत्व में पहुंची पुलिस पर ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया।
दुर्घटना के बाद गाड़ी का शीशा तोड़ा
- फोटो : अमर उजाला
इस बीच पुलिस ने चालक को लोगों के चंगुल से छुड़ाकर खुद को बचाते हुए थाने पहुंची। इसके बाद ग्रामीणों ने बांस और चौकी लगाकर सैदपुर-चिरईयाकोट मार्ग को जाम कर दिया। जाम की सूचना पाकर एसओ बहरियाबाद समीम अली सिद्दीकी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और लोगों को समझाना शुरू किया और जाम खत्म कराने की कोशिश की। लेकिन ग्रामीण दोबारा पुलिस पर पथराव शुरू कर दिए।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पथराव करने वाले रामविलास चौहान को हिरासत में ले लिया। भीड़ और उग्र हो गई और पथराव करते हुए पुलिस को दौड़ा लिया। पुलिस भाग खड़ी हुई। तीसरे चक्र में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण प्रदीप कुमार मिश्र के नेतृत्व में छह थाने की पुलिस रायपुर चौराहे पर इकट्ठी हुई और हाजीपुर चौराहे की तरफ चल पड़ी।
पुलिस के पहुुंचते ही तीसरी बार भी पथराव शुरू हुआ। पुलिस ने भीड़ को तितर-वितर करने के लिए लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और रबर की गोलियां दागीं, लेकिन ग्रामीणों शांत नहीं हुए। पथराव करते हुए पुलिस को दौड़ा लिया। ग्रामीणों से जान बचाकर गांव के रामखेर के मकान में एसपी ग्रामीण, दरोगा रामेश तिवारी, मानिकचंद मिश्रा, विनय शर्मा तथा उपजिलाधिकारी के अर्दली खुद को कमरे में अंदर से बंद कर लिए।
इसी जानकारी होते ही ग्रामीणों ने उस मकान को चारों तरफ से घेर लिया और पुलिस कर्मियों को बंधक बना लिया। बाद में पुलिस कप्तान भारी संख्या में फोर्स, पीएसी लेकर घटना स्थल पर पहुंचे और मामले को बातचीत से खत्म कराया।
समाचार लिखे जाने तक मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई चल रही थी। मौके पर जिलाधिकारी संजय खत्री के साथ पुलिस कप्तान सोमेन वर्मा, एसपी ग्रामीण प्रदीप कुमार दूबे, सीओ सैदपुर सर्वेश कुमार मिश्र, सीओ कासिमाबाद हृदयानंद सिंह, एसडीएम सैदपुर सत्यम मिश्रा आदि मौजूद रहे।