गाजीपुर में एक टीवी चैनल के मालिक और प्रमुख व्यवसायी के बीच चल रहे मकान के विवाद में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। चैनल मालिक पीके तिवारी अपने पक्ष में रामपुर देवरिया के भाजपा विधायक कमलेश शुक्ला के साथ महुआबाग के मकान पर पहुंचे थे।
विधायक का आरोप है कि उनके पक्ष के साथ हाथापाई की गई। वहीं, मारपीट में व्यवसायी रिंकू अग्रवाल का कर्मचारी संदीप कुमार घायल हो गया। बाद में पुलिस दोनों पक्षों को कोतवाली ले गई। रात तक दोनों पक्षों में बातचीत चल रही थी।
शहर के महुआबाग स्थित एक मकान को लेकर टीवी चैनल के मालिक पीके तिवारी और प्रमुख व्यवसायी रिंकू अग्रवाल के बीच विवाद चल रहा है। रिंकू ने आरोप लगाया कि पिछले साल 23 फरवरी को उन्होंने पीके तिवारी के बेटे सौरभ तिवारी से इस मकान को खरीदने का एग्रीमेंट कराया।
उसके एवज में 15 लाख 35 हजार रुपये का स्टांप शुल्क भी वह जमा कर चुके हैं। इसके अलावा तिवारी बंधुओं के मैनेजर अरुण मिश्र ने 15 लाख रुपया अलग से लिया है। मकान पीके तिवारी के भाई विजय शंकर तिवारी के नाम है जिसमें पीके तिवारी का भी हिस्सा बनता है।
कहा कि जब से उसने मकान पर कब्जा लिया है उसके बाद से तिवारी बंधुओं की नीयत बिगड़ गई और उन्होंने सिविल कोर्ट में मकान पर मालिकाना हक जताते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया है।
बुधवार को मुकदमे की सुनवाई के दिन पीके तिवारी, विजय शंकर तिवारी, भाजपा विधायक कमलेश शुक्ला तथा उनके गनर सहित पांच गाड़ियों पर लोग आए और जबरिया मकान का ताला तोड़कर उस पर कब्जा जमा लिया। उनका कर्मचारी संजीव कुमार आपत्ति करने मौके पर पहुंचा तो उन लोगों ने उसे मारापीटा ।
मकान के विवाद में एक पक्ष की ओर से पहुंचे थे भाजपा विधायक
भाजपा विधायक पुलिस के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए
- फोटो : अमर उजाला
उधर, पीके तिवारी का कहना था कि मकान मेरे भाई विजय शंकर तिवारी के नाम है। पिछले साल 22 अगस्त को मकान के कैंपस का डेढ़ बिस्वा भूखंड उन्होंने अपनी पत्नी को बेचा है। नगर पालिका में उसका दाखिल-खारिज भी हो चुका है।
जहां तक मेरे बेटे सौरभ की ओर से रिंकू अग्रवाल के पक्ष में मकान का एग्रीमेंट करने की बात है तो सौरभ को इसका कोई अधिकार नहीं है। न ही मैंने उसे कोई पावर ऑफ एटार्नी ही दी है। लिहाजा सौरभ से एग्रीमेंट की बात सरासर गलत है।
भाजपा विधायक कमलेश शुक्ला ने बताया कि मैं तो अपने रिश्तेदार से मिलने के लिए आया था। जैसे ही मकान में घुसा व्यवसायी पक्ष के लोग हो-हल्ला करते हुए हाथापाई करने लगे और मारपीट पर उतारू हो गए।
विधायक ने मुझसे और डीएम से मिलकर प्रकरण की जानकारी दी थी। इसके बाद उन लोगों ने उक्त मकान पर जाकर विवाद कर लिया। किसी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है। कोतवाली में दोनों पक्षों में बातचीत चल रही है। - सोमेन वर्मा, एसपी