छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे सोनभद्र जिले के म्योरपुर इलाकों में हाथियों का उत्पात थम नहीं रहा है। मंगलवार की रात कूदरी गांव में हाथियों के उत्पात के कारण रात भर लोग जगते रहे।
गांव के लोगों ने अंततः पटाखा बजाकर और आग जलाकर हाथियों को भगाया। उधर मंगलवार की रात ही हाथियों ने दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के कटौली गांव में एक 65 वर्षीय महिला को कुचल दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
वह रात में शौच के लिए घर से बाहर निकली थी। जानकारी मिली तो ग्रामीणों में कोहराम मच गया।
घंटे भर बाद किसी तरह हिम्मत जुटाकर घरवाले शव के पास पहुंचे। रात भर हाथी के भय से ग्रामीण सोए नहीं और वे घरों के आसपास आग जलाए रखें। इससे पहले शाम में म्योरपुर थाना क्षेत्र के कुदरी गांव के पिपरहवा टोला में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया।
हाथियों ने गांव के कई मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया था।
ग्रामीणों ने पटाखा छोड़कर हाथियों को भगाया। बुधवार की सुबह दस बजे तक घरों में लोग दुबक रहे। ग्राम प्रधान नंदकिशोर की सूचना पर मौके पर पुलिस ने शव का पंचानामा कर कब्जे में लिया।
उधर, बुधवार की अलसुबह एक बार फिर पिपरहवा में दो-तीन हाथी पहुंचे तो इससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने पटाखा फोड़ते हुए हाथ में आग का मशाल लेकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ दिया।
हाथियों के आतंक से ग्रामीणों में भय व्याप्त है।
जानकारों की मानें तो झारखंड के बेतिया नेशनल पार्क से हर साल हाथियों का झुंड सीमावर्ती इलाकों में आकर तबाही मचाते है। हाथी जनहानि के अलावा फसल, सब्जी और आशियानों को क्षति पहुंचाते है।
बावजूद इसके वन विभाग की ओर से हाथियों को जिले में आने से रोकने के लिए कोई ठोस पहल नहीं किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है।