प्रतिबंध के बावजूद पांडेयघाट पर ड्रोन कैमरा उड़ा कर डाक्यूमेंट्री तैयार कर रहे नई दिल्ली के नेदसराय निवासी नितिन चौहान को बुधवार को दशाश्वमेध पुलिस ने पकड़ लिया।
आननफानन में पुलिस ने कैमरे से सारी फोटो और रिकॉर्डिंग मिटवाई। नितिन के बारे में पूरी तरह से तस्दीक करने के बाद दोबारा गंगा किनारे बिना किसी अनुमति के ड्रोन कैमरा न उड़ाने की हिदायतें देते हुए उन्हें छोड़ दिया। इस दौरान पांडेयघाट और दशाश्वमेध थाने पर खासी गहमागहमी रही।
नई दिल्ली के नितिन चौहान 31 जनवरी को शहर आकर अस्सी घाट पर ठहरे थे। पांडेयघाट निवासी शाहीवाल चक्रवर्ती के साथ वे गंगा और घाटों पर ‘बनारस द लिविंग’ डाक्यूमेंट्री तैयार कर रहे हैं। इसी सिलसिले में बुधवार को वो पांडेयघाट पर ड्रोन कैमरे से शूटिंग कर रहे थे। इलाकाई लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि कोई विदेशी घाट पर ड्रोन कैमरा उड़ा रहा है। सूचना पर पहुंची दशाश्वमेध पुलिस ने कैमरे के साथ नितिन को पकड़ लिया।
नितिन ने कागजात दिखाया कि उनके पास शूटिंग के लिए एडीएम सिटी का अनुमति पत्र है। हालांकि उस पर ड्रोन स्काई कैमरे पर रोक की बात उल्लेखित थी। इंस्पेक्टर दशाश्वमेध एके सिंह ने बताया कि कैमरे की रिकॉर्डिंग और फोटो को मिटवा दिया गया। उसे प्रतिबंध की जानकारी नहीं थी। कैमरा वापस कर दोबारा ऐसा न करने की चेतावनी देते हुए छोड़ दिया गया।