होली के दिन सड़क दुर्घटना में घायल दो सिपाहियों को हायर सेंटर तक ले जाने के लिए एक दरोगा जिला अस्पताल के डाक्टर को जबरन एंबुलेंस में बिठाकर ले गए। इससे नाराज चिकित्साकर्मियों ने दो घंटों तक इमरजेंसी सेवाएं ठप कर दिया।
डीएम के हस्तक्षेप पर दरोगा ने सात किलोमीटर दूर ले जाकर चिकित्सक को एंबुलेंस से नीचे उतार दिया। डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने नाराज डाक्टरों ते वार्ता करके इमरजेंसी सेवा बहाल कराई। घटना से आक्रोशित आईएमए और पीएमएस के पदाधिकारियों ने मंगलवार को जिलाधिकारी से मिलकर आरोपी दरोगा के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की मांग करने का निर्णय लिया है।
शहर कोतवाली के दो सिपाहियों संतोष कुमार और अनिल प्रताप सिंह की होली में ड्यूटी थी। दोनों सोमवार को शहर सिकटिया ओवरब्रिज पर बाइक से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस दोनों को जिला अस्पताल ले गई। सिपाहियों की चिंताजनक हालत को देखते हुए चिकित्सक ने हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी।
चिकित्सा कर्मियों का आरोप है कि पुलिस ने डा. रुपेश राय को घायल सिपाहियों के साथ देखरेख करते रहने के लिए हायर सेंटर तक चलने को कहा। डाक्टर ने इमरजेंसी ड्युटी का हवाला देते हुए हायर सेंटर जाने में अपनी असमर्थता जताई। आरोप है कि इतना सुनते ही दरोगा आग बबूला हो गया। दरोगा ने डाक्टर का कालर पकड़कर झकझोर दिया और गाली देते हुए जबरन घसीटते हुए बाहर खड़ी एंबुलेंस तक ले गया और उसमें बिठाकर लेकर चले गए।
इस अप्रत्याशित घटना से आक्रोशित चिकित्साकर्मियों ने इमसजेंसी सेवा ठप कर दी और घटना की जानकारी सीएमएस डा. बृजकुमार को दी। सीएमओ ने जिलाधिकारी को घटना से अवगत कराया। डीएम के हस्तक्षेप पर बरलाई के निकट ले जाकर दरोगा ने एंबुलेंस से डाक्टर को नीचे उतार दिया।
घटना की जानकारी कुछ ही देर में पूरे जिले में फैल गई। काफी संख्या में चिकित्सक और कर्मचारी जिला अस्पताल की इमरजेंसी पर जुट गए।
जिलाधिकारी के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट एवं सीओ सिटी राम अभिलाष जिला अस्पताल पहुंचे।
उन्होंने नाराज चिकित्सकों को मनाने की कोशिश की। सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन पर चिकित्सक और कर्मचारी काम पर वापस आए और इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का उपचार शुरु किया।