प्रतिबंधित बोर 9 एमएम का कारतूस पूर्वांचल के अपराधी बिहार के गया से खरीद कर ला रहे हैं। यह जानकारी पुलिस की गिरफ्त में आये इनामी बदमाश और विशाल ठेकेदार की हत्यारोपी गुड्डू मामा ने दी है। गया में कैड़े खान 9 एमएम का कारतूस बेचता है।
उसने बताया कि फैक्ट्री निर्मित 9 एमएम के कारतूस की तुलना में अवैध तरीके से बनाए जाने वाले 9 एमएम के कारतूस आकार में थोड़े बड़े और चौड़े होने के साथ ही ज्यादा मारक होते हैं। इसमें ज्यादा मात्रा में बारूद उपयोग किया जाता है।
कैंट थाना अंतर्गत राजाबाजार निवासी गुड्डू पर वाराणसी पुलिस की ओर से 25 हजार और मिर्जापुर पुलिस की ओर से पांच हजार का इनाम घोषित था। गुड्डू ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि पूर्वांचल में अवैध 9 एमएम पिस्टल और कारतूस गया से ही आते हैं। गया का कैड़े खान 9 एमएम का कारतूस पांच सौ रुपये में और .32 बोर का 300 रुपये में बेचता है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शिफ्ट किया जाएगा गुड्डू
पार्षद चुनाव की तैयारियों में जुटे गुड्डू के आपराधिक इतिहास को देखते हुए जल्द ही उसकी जेल बदली जाएगी। आशंका है कि जिला जेल में निरुद्ध रह कर गुड्डू अपना नेटवर्क बढ़ाकर कुछ और वारदातों को अंजाम दिला सकता है।
एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि जल्द ही प्रदेश सरकार को पत्र भेजकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की किसी जेल में गुड्डू को शिफ्ट कराया जाएगा।
ठेकेदार विशाल का कई साझेदारो से था लेनदेन का विवाद
घर के सामने हुई थी विशाल की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
ठेकेदार विशाल सिंह झारखंड के एक बड़े ठेकेदार के लिए बोल्डर सप्लाई करते थे। उनके यहां विशाल के एक करोड़ सत्रह लाख रुपये बकाया हैं। इसी के चलते जब ठेकेदार ने दोबारा विशाल से बोल्डर सप्लाई की बात कही तो उन्होंने मना कर दिया।
इसी बीच विशाल के गाजीपुर निवासी साझेदार ने कांट्रैक्टर से बोल्डर सप्लाई का काम ले लिया। इससे विशाल और उनके तीन साझेदारों के बीच दूरियां बन गई थी। वहीं, विशाल पर आजमगढ़ निवासी उनके साझीदार का 10 लाख रुपये बकाया था। इसको लेकर भी खटपट हुई थी।
उधर, विशाल के पांडेयपुर निवासी एक दोस्त उनसे ढाई लाख रुपये उधार लिए थे। उससे भी विशाल की झड़प हुई थी। एसपी सिटी ने बताया कि लेनदेन के इन्हीं विवादों के आधार पर पंकज के अलावा विशाल के दो अन्य साझीदारों और उनके दोस्त की भूमिका की जांच की जा रही है।