शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के मामले में दोषी जितेंद्र को फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश रामचंद्र ने सात वर्ष के कठोर कैद की सजा सुनाई है। 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर दो माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी पड़ेगी।
अभियोजन के एडीजीसी संजय श्रीवास्तव के अनुसार लहरतारा की महिला ने एसएसपी को प्रार्थनापत्र दिया था। प्रार्थनापत्र में कहा था कि पति के मरने के बाद वह एक पुत्र तथा चार पुत्रियों को लेकर चौका बर्तन करके जीवनयापन करती थी।
आरोप था कि कैंट के फुलवरिया निवासी जितेंद्र ने उसे झांसा देकर विवाह का प्रस्ताव दिया। वह शादी के लिए राजी हो गई। इस दौरान जितेंद्र ने कई बार शारीरिक संबंध बनाए। जब महिला शादी के लिए कहती तो वह टालमटोल करने लगता था।
महिला ने दबाव बनाया तो जितेंद्र उसे गालियां देते हुए पीटने लगा। आसपास के लोग जुटने लगे तो जितेंद्र बाइक छोड़कर तेजाब डालकर जलाने और उसकी पुत्री को उठा ले जाने की धमकी देते हुए भाग निकला।