लूट का शिकार हुए ठेकेदार संजीव कुमार सिंह।
छावनी क्षेत्र स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा के सामने गुरुवार को बाइक सवार दो बदमाशों ने ठेकेदार संजीव कुमार सिंह के साढ़े छह लाख रुपये लूट लिए। वारदात तब हुई जब ठेकेदार संजीव बैंक से रुपये निकालने के बाद सड़क पर खड़ी अपनी स्कार्पियो में बैठने जा रहे थे। रुपयों से भरा बैग लूटने के बाद बदमाश फुलवरिया की तरफ भाग निकले। संजीव के शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोगों ने बदमाशों का पीछा किया लेकिन उन्हें पकड़ नहीं पाए। कैंटोनमेंट जैसे शहर के सर्वाधिक सुरक्षित इलाके में दिनदहाड़े हुई लूट की वारदात से दहशत फैल गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की। बैंक की सीसीटीवी फुटेज में एक बदमाश की तस्वीर कैद हुई है।
पीडब्ल्यूडी, नगर निगम सहित अन्य सरकारी विभागों में ठेकेदारी करने वाले संजीव कुमार सिंह अर्दली बाजार क्षेत्र की विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी में रहते हैं। महावीर रोड में संजीव की कंस्ट्रक्शन फर्म का कार्यालय है। गुरुवार की सुबह 10:30 बजे के लगभग संजीव कैंटोनमेंट स्थित यूबीआई ब्रांच में बाइक से पहुंचे। बैंक में उन्होंने साढ़े सात लाख का चेक भुगतान के लिए जमा किया तो उन्हें कुछ देर बाद रुपये देने की बात कही गई। इस पर संजीव ने कहा कि कम से कम एक लाख रुपया तत्काल उन्हें दे दिया जाए, किसी का भुगतान करना है। बैंक से उन्हें एक लाख रुपया मिले तो उन्होंने एक व्यक्ति को बुलाकर दे दिया।
फिर संजीव को लगा कि देर हो रही है तो उन्होंने अपने मित्र और बिजनेस पार्टनर दीपक शंकर पांडेय को स्कार्पियो के साथ बुलाया। 11:45 बजे के लगभग संजीव को साढ़े छह लाख रुपये मिले तो वो बैग में रखकर बाहर आए। संजीव स्कार्पियो में बैठने जा ही रहे थे कि बाइक सवार दो बदमाश उनके पास आए और उनकी पीठ पर टंगे बैग को छीनकर फुलवरिया की ओर तेजी से भाग निकले।
सूचना पाकर एसपी क्राइम त्रिभुवन सिंह, सीओ कैंट राजकुमार यादव, क्राइम ब्रांच के सर्विलांस प्रभारी ओमनारायण सिंह और कैंट थाना प्रभारी एके ओझा बैंक पहुंचे। बैंक की सीसीटीवी फुटेज में धारीदार शर्ट पहने हुए लगभग 40 वर्ष के एक हृष्टपुष्ट व्यक्ति को संजीव से पहले बाहर निकलते हुए देखा गया है। संजीव ने बताया कि जो व्यक्ति फुटेज में उनसे पहले बाहर निकलता दिख रहा है, वह रुपये लूटने वालों में से एक था। उनका कहना था कि बैंक प्रबंधन ने अगर उन्हें रुपये देने में यदि अनावश्यक देरी न की होती तो उनके साथ यह वारदात न होती।