इसी मामले में सोमवार सुबह में थाने के एक उप निरीक्षक चार-पांच सिपाहियों के साथ अमर बहादुर के घर पहुंचे। आरोप है कि सिपाहियों ने जबरन घर में घुस कर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया। इससे गुस्साए परिवार वाले सिपाहियों को कमरे में बंद करने लगे। अन्य सिपाही भाग गए लेकिन चंचल यादव को परिजनों ने कमरे में बंद कर दिया। जबकि सिपाही विद्या सागर के हाथ में चोट आई।
सूचना पर बक्शा थानाध्यक्ष शशिचंद चौधरी पहुंचे। थोड़ी देर में सीओ सदर नृपेंद्र, थानाध्यक्ष सिकरारा, सराय ख्वाजा, लाइन बाजार पुलिस एवं महिला सिपाहियों की फोर्स पहुंच गई। इस पर अमर बहादुर के घर वालों ने एसपी को बुलाने की मांग की। लगभग चार घंटे बाद सीओ के कार्रवाई के आश्वासन पर परिजनों ने सिपाही को मुक्त कर दिया और सिपाही पर मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी।
उधर, थाने के उप निरीक्षक हरिश्चंद्र राव की तहरीर पर पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने एवं सिपाही को कमरे में बंद कर पुलिस कर्मियों पर हमला करने के आरोप में तीन महिलाओं समेत 12 के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। इसके बाद संतोष यादव, संगीता यादव एवं उषा यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। सीओ ने बताया कि केस दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।