उस दिन घटना की बात करते हुए विद्यालय की छात्राओं ने रुंधे गले से बताया कि उस दिन जब स्कूल में आई तो ऐसा नहीं लग रहा था कि वह किसी टेंशन में हो। वह पहले की तरह ही सबसे बातचीत कर रही थी कहीं से भी ऐसा एहसास नहीं हुआ की नंदनी आज इतना बड़ा कदम उठाने वाली है और घटना के दिन से ही छात्रों के आखों में एक अजब सा भय देखने को मिल रहा है।
सुखपुरा थाना क्षेत्र के धनौती निवासी नंदनी सिंह के बड़े भाई दीपू सिंह ने मोबाइल से बातचीत के दौरन बताया की दीर्घायु अस्पताल वाराणसी में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसने बताया कि रविवार को सुबह से ही उसकी हालत काफी खराब होने लगी थी। डाक्टरों की पूरी टीम ने उसे अंत तक बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।