भ्रष्टाचार से आरोप में निलंबित एआरटीओ आरएस यादव को शनिवार को अभिरक्षा में लेने के बाद पुलिस उससे जरूरी राज उगलवाने में लगी रही। दोपहर बाद सदर कोतवाली में एआरटीओ से घंटों पूछताछ की गई और इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई।
इस दौरान उसके साथ भ्रष्टाचार में शामिल परिवहन विभाग के कर्मचारियों और प्रभावशाली लोगों के बारे में जानकारी ली गई। साथ ही आरएस यादव की संपत्तियों का भी ब्यौरा एकत्रित किया गया। सूत्रों की मानें तो आरएस यादव ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं और अवैध वसूली में लिप्त सफेदपोश लोगों के नाम भी बताए हैं।
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि एआरटीओ से उन सभी आरोपों को लेकर पूछताछ की जा रही है जो उसपर लगाए गए हैं। हाईवे पर अवैध वसूली का खुला खेल खेलने वाले निलंबित एआरटीओ आरएस यादव को रिमांड पर लेने के साथ हंी पुलिस भ्रष्टाचार की तह तक जाने में जुट गई।
सीओ सदर त्रिपुुरारी पांडेय के नेतृत्व में पुलिस ने वाराणसी पहुंचकर आएस को अपनी अभिरक्षा में लिया और कोर्ट की प्रक्रिया के पूरा होने के बाद उसे सदर कोतवाली ले आई। इस दौरान एआरटीओ से उसके वकील की उपस्थिति में गहन पूछताछ की गई।
प्रमुख रूप उसके साथ भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के बारे में जानकारी ली गई। इसके बाद ट्रकों से छीने गए कागजों और चंदौली तथा वाराणसी जनपदों में चल और अचल संपत्तियों, फजी कंपनी, विभागीय कर्मचारियों की संलिप्तता, चालकों से मिली तहरीर के आधार पर ट्रकों से छीने गए कागजात, ओवरलोड ट्रकों को फर्जी तरीके से पास करने समेत 21 बिंदुओं पर पूछताछ की गई।
एसपी संतोष कुमार ने बताया कि एआरटीओ से उन सभी आरोपों को लेकर पूछताछ की जा रही है जो उसपर लगाए गए हैं। अलीनगर थाने में दर्ज कराए गए मुकदमों से लेकर भ्रष्टाचार कर बनाई गई संपत्ति के बारे में पूरी जानकारी ली जा रही है।
बताया कि आरएस यादव की कई ऐसी संपत्तियां और प्रतिष्ठान हैं, जिनके निदेशक उसके रिश्तेदार या घर वाले हैं इस संबंध में भी जानकारी एकत्रित की जा रही है। एसपी ने एआरटीओ द्वारा किए गए खुलासे के बारे में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।
कहा कि विवेचना के दौरान जो भी महत्वपूर्ण तथ्य हाथ लगेंगे उसकी जानकारी दी जाएगी। देर शाम तक आरएस यादव चंदौली कोतवाली में ही रहा।