चंदौली जिले में साहूपुरी स्थित 148 बटालियन सीआरपीएफ के कमांडेंट राजीव कुमार चौधरी और हवलदार मेजर ओमप्रकाश के खिलाफ सोमवार को लंका थाने में आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। यह कार्रवाई गंगा में कूद कर जान देने वाले सीआरपीएफ के जवान अविनाश सिंह के पिता शमशेर बहादुर सिंह की तहरीर पर की गई।
चौबेपुर थाना अंतर्गत अंबा गांव निवासी शमशेर बहादुर सिंह के दो बेटों में छोटा अविनाश सिंह 148 बटालियन सीआरपीएफ में कांस्टेबल के पद पर तैनात था। बीती 27 मई को अविनाश ने राजघाट स्थित मालवीय पुल से गंगा में छलांग लगा दी थी।
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में उपचार के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई थी। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंपा गया तो वह बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस के सामने शव रख कर धरने पर बैठ गए। शमशेर ने आरोप लगाया कि अविनाश ने अपनी बटालियन के हवलदार मेजर की प्रताड़ना से परेशान होकर जान दी। उसे ड्यूटी और निलंबित करने की धमकी देकर परेशान किया जाता था।
घटना की जानकारी मिलने के बाद भी बटालियन के अधिकारी उसे देखने तक नहीं आए। मौके पर पहुंचे सीओ भेलूपुर अनिल कुमार ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराने का आश्वासन देकर करीब दो घंटे बाद धरना समाप्त कराया। सीओ ने बताया कि विवेचना के लिए प्रकरण संबंधित थाने को स्थानांतरित किया जाएगा।