एक बेरहम बुआ ने रिश्ते को कलंकित कर डाला। शहर घूमाने के बहाने भतीजी को शहर में लाकर उसकी जिस्म का सौदा एक दूकानदार से कर डाला। उनके चंगुल से बचकर किशोरी नग्न अवस्था में मिर्जापुर के देहात कोतवाली पहुंची।
पुलिस ने मुंहबोली बुआ को उसके घर से और उसकी अस्मत से खिलवाड़ करने का प्रयास करने वाले युवक को रमईपट्टी तिराहे से रविवार को गिरफ्तार किया। किशोरी को मेडिकल के लिए अस्पताल भेज दिया।
क्षेत्राधिकारी नगर संजय सिंह ने रविवार की दोपहर कोतवाली में मीडिया को बताया कि सोनभद्र के रेणुकूट क्षेत्र में रहने वाली एक महिला गांव से रिश्ते की 14 वर्षीय भतीजी को दो दिन पूर्व मिर्जापुर घुमाने लाई थी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के घुरूहूपट्टी मोहल्ले के एक मकान को किराए पर रहने वाली महिला ने शनिवार की रात एक युवक को बुलाया। रात करीब दस बजे आरोपी युवक व बुआ ने मिल कर उसके कपड़े उतारे। उसके बाद बुआ कमरे से बाहर चली गई।
युवक ने मोबाइल पर दिखाई ब्लू फिल्म, करने लगा जोरजबरदस्ती
rape
युवक ने उसे मोबाइल पर ब्लू फिल्म दिखाने के बाद उससे शारीरिक संबंध बनाने के लिए जोरजबरदस्ती करने लगा। किसी तरह किशोरी उसके चंगुल से छूट कर नग्न अवस्था में भागती हुई रात साढ़े 10 बजे घर से दो सौ मीटर दूर स्थित देहात कोतवाली पहुंची।
पुलिसकर्मियों ने उसे गमछ्रा ओढ़ाया। उसके बाद महिला पुलिस को बुलाकर किशोरी को कपड़े दिलवाए। उसके बाद देहात कोतवाल अशोक सिंह ने शहर कोतवाली से संपर्क किया।
देहात कोतवाल, शहर कोतवाली वैभव सिंह, एसओजी प्रभारी बृजमोहन सरोज व पंकज सिंह ने घुरूहूपट्टी में छापामार कर बुआ शीला देवी, निवसी अहरौरा को गिरफ्तार किया।
शहर कोतवाली पुलिस ने आरोपी उमेश कुमार निवासी फतहां के विरुद्ध छेड़खानी और पाक्सो के तहत मुकदमा दर्ज किया। रविवार की सुबह उसे रमईपट्टी तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया।
उधार चुकाने के लिए दरिंदों को बेच दी भतीजी
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आरोपी उमेश कुमार निवासी फतहां ने कहा कि उसके पास कूलर पंखा की दूकान है। कुछ दिन पूर्व उसकी बुआ आई और बताया कि घुरूहूपटटी के एक मकान में किराए पर रहती है। उसे कूलर चाहिए।
उसने दो हजार रुपया उसे दिया और चार हजार का कूलर ले गई। कहा कि बकाया पैसा दो दिन बाद दे देगी। जब वह पैसा लेने पहुंचा तो उसने चाय पीने के लिए अंदर बुलाया। इसी बीच उसकी भतीजी भाग कर बाहर पहुंची।
बाहर निकला तो उसे पता चला कि उसके खिलाफ छेड़खानी का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर देने गई थी ताकि वह पैसा नहीं मांग सके।