अजय मरदह को कोर्ट में पेश करने ले जाते पुलिसकर्मी
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दोनों हाथ से गोली चलाने में माहिर अजय कुमार सिंह उर्फ गुड्डू की जरायम की दुनिया में पहचान बृजेश गैंग के शॉर्प शूटर के रूप में रही है। गाजीपुर के मरदह क्षेत्र निवासी अजय को सेंट्रल जेल में निरुद्ध एमएलसी बृजेश का बेहद करीबी माना जाता है।
अजय मरदह की अचूक निशानेबाजी के चर्चे भी जरायम की दुनिया में खूब रहे हैं। फिलहाल वह यूपी से छत्तीसगढ़ तक सिंडिकेट के ठेके और ट्रांसपोर्ट के काम देख रहा था। बता दें कि शुक्रवार को वाराणसी पुलिस ने खुलासा किया कि राम बिहारी चौबे की हत्या अजय मरदह ने की थी।
अजय मरदह के खिलाफ पहला मुकदमा गाजीपुर में 1996 में दर्ज हुआ था और उसकी हिस्ट्रीशीट तीन मार्च 1997 को खुली थी। तब से लेकर वर्ष 2015 के बीच हत्या, अपहरण, गैंगेस्टर, आर्म्स एक्ट सहित अन्य आरोपों में उसके खिलाफ 21 मुकदमे दर्ज किए गए।
अजय मरदह पर 2002 में हत्या का पहला मुकदमा गाजीपुर के मरदह थाने में दर्ज किया गया। इसके बाद 17 जुलाई 2004 को सिगरा थाना के रघुवर नगर में हुई ठेकेदार सुनील सिंह की हत्या में उसका नाम आया। वर्ष 2004 में ही रथयात्रा क्षेत्र में राजन शाही की हत्या में अजय मरदह का नाम आया।
इन मामलों में मुकदमा दर्ज होने के बाद अपराध की दुनिया में अजय मरदह कुख्यात हो गया। राजन शाही की हत्या के बाद अजय मरदह पर 20 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
वर्ष 2004 में ही सलीम ठेकेदार हत्याकांड में भी अजय का नाम आया और उसके खिलाफ कैंट थाने में हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। 2005 में अजय के खिलाफ गोपीगंज में हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ।