अनपरा के एनसीएल ककरी की जमीन पर कब्जा जमाकर बसाई गई कोलगेट खटाल बस्ती और आवासीय परिसर के अंदर बने कुल 44 आशियानों पर बुधवार को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। खटाल बस्ती में अतिक्रमण हटाने गए दल को कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ा।
बस्ती के प्रवेश द्वार पर पीएम मोदी का पुतला दहन करने के साथ ही कुछ शरारती तत्वों ने दस से अधिक आवासों में आग लगा दी। एक ट्रैक्टर फूंकने की कोशिश की। बस्ती के लोगों ने मोदी-योगी विरोधी नारे लगाए। पुलिस से भी तीखी नोंकझोंक की। हालात काबू करने को जहां पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
वहीं आग नियंत्रित करने के लिए एनसीएल और हिण्डाल्को रेणुपावर के छह दमकल दस्ते घंटों जूझते रहे। जीएम ककरी एलपी गोडसे, दुद्धी एसडीएम भानु प्रताप सिंह, सीओ पिपरी अनिल सिंह की अगुवाई में पीएसी-पुलिस फोर्स के साथ ही तकनीकी कर्मियों और महिला पुलिस की टीम सुबह साढ़े नौ बजे सबसे पहले एमयू कालोनी के दक्षिणी छोर पर पहुंची।
यहां पांच आवास ढहाए गए। यहां के बाद एमयू कालोनी के पूर्वी छोर पर पर दो और बीच में निर्मित एक अवैध आवास को ढहाने के बाद साढ़े 11 बजे के करीब टीम कोलगेट खटाल बस्ती पहुंची। यहां टीम जैसे ही पहुंची विरोध शुरू हो गया। बच्चों को आगे कर बस्ती के गेट पर मोदी का पुतला फूंकवाया गया तो कई ने सामान हटाने के बाद घरों में आग लगा दी।
बस्ती के बीच खड़े लक्ष्मण भारती के ट्रैक्टर के छतरी में भी आग लगा दी। किसी तरह ट्रैक्टर को बचाकर बस्ती के बाहर किया गया। कुछ ही देर में आग ने करीब-करीब पूरी बस्ती को आगोश में ले लिया। नाराज लोगों ने मोदी-योगी के विरोध में जमकर नारे लगाने के साथ ही कई लोगों का घेराव कर दबाव में लेने की कोशिश की।
पुलिस पहुंची तो उससे भी तीखी नोंकझोंक की। पुलिस ने कड़े तेवर दिखाए, तब विरोध करते लोग किनारे हो लिए। इसके बाद एक तरफ से दमकल दस्ते को बुलाकर आग बुझवाने का काम शुरू हुआ। वहीं दूसरी तरफ से तीन जेसीबी और एक बुलडोजर लगाकर आवास ढहाए जाने लगे। शाम चार बजे तक चली कार्रवाई में 34 आवास ढहाकर पूरी बस्ती को खाली करा लिया गया। इसको लेकर पूरे दिन अफरातफरी की स्थिति बनी रही।