गांव की लड़कियों से छेड़खानी का विरोध करने पर सीरगोवर्धनपुर निवासी बीएचयू के बीए द्वितीय वर्ष के छात्र राजेश कुमार यादव (20) की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई।
शव गुरुवार की दोपहर सामने घाट स्थित परमहंस आश्रम के समीप बोरे में पड़ा मिला। राजेश 20 फरवरी से ही घर से लापता था। पुलिस के आंसू गैस के गोले दागने के बावजूद उसके कब्जे से शव छीनने के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने बीएचयू के सीर गेट और फिर डाफी बाईपास पर चक्काजाम कर दिया।
बीएचयू और रमना पुलिस चौकी पर धावा बोलकर जमकर तोड़फोड़ की। कई वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए। छह आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज होने के बाद करीब तीन घंटे बाद शाम पांच बजे ग्रामीण माने और शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया जा सका।
बीएचयू आईआईटी में गार्ड के पद पर तैनात सीरगोवर्धनपुर निवासी बच्चा यादव के तीन बेटों में सबसे छोटा राजेश बीएचयू कला संकाय में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था।
बताया जाता है कि कुछ दिनों पहले उसके गांव की लड़कियोें से छेड़खानी करने वाले मनबढ़ों से उसका झगड़ा हुआ था। बीते 20 फरवरी को उन्हीं मनबढ़ों ने राजेश के घर पर चढ़कर उसकी पिटाई की थी।
इसके बाद से राजेश लापता हो गया था। परिवारीजनों ने इसकी सूचना देने के साथ ही उसे अगवा करने की आशंका में दो लोगों को पकड़कर पुलिस को सौंपा था। इस बीच गुरुवार की दोपहर करीब सवा एक बजे बोरे में राजेश का शव बरामद होने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
पुलिस और ग्रामीण आमने-सामने आ गए। आंसू गैस के गोले दागने के बावजूद ग्रामीणों ने पुलिस के कब्जे से शव छीन लिया। दोपहर करीब दो बजे शव रखकर पहले सीर गेट और फिर डाफी बाईपास पर चक्काजाम कर दिया।
इस दौरान रमना और बीएचयू पुलिस चौकी में उपद्रव और हंगामेबाजी से अफरातफरी मच गई। एसपी सिटी सुधाकर यादव मौके पर पहुंचे लेकिन ग्रामीण डीएम को बुलाने की मांग पर अड़े थे।
अंतत: एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय मौके पर पहुंचे। राजेश की हत्या के आरोप में सीरगोवर्धनपुर के मृत्युंजय उर्फ छोटू, मनोज यादव, सोनू यादव, सूरज यादव, काली यादव और कल्लू यादव के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज हुआ और एफआईआर की प्रति सौंपी गई तब जाकर शाम पांच बजे चक्काजाम समाप्त हुआ। इनमें से मृत्युंजय पुलिस की हिरासत में है।