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गेहूं और सरसों के बीच अफीम की खेती

Sat, 05 Mar 2016 02:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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अफीम की फसल को जलाते पुलिस कर्मी।
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कैंट थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव में गेहूं, सरसों की फसल के बीच अफीम की खेती हो रही थी। इसकी जानकारी न तो पुलिस को थी और न ही प्रशासन को। गुरुवार की शाम नारकोटिक्स विभाग की छापेमारी में यह गोरखधंधा पकड़ा गया। टीम ने फसल को जलाकर नष्ट कर दिया। पूछताछ में पता चला कि रसूलपुर के चार लोगों ने फसल लगाई थी। कैंट थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। आरोपियों की तलाश की जा रही है। 
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नारकोटिक्स विभाग को सूचना मिली थी कि रसूलपुर गांव में लक्ष्मी पटेल, बाले, कमला प्रसाद और धनी शंकर अवैध रूप से अपने खेत में गेहूं की फसल के बीच अफीम की खेती कर रहे हैं। डिप्टी नारकोटिक्स कमिश्नर दिनेश बौद्ध के निर्देश पर अधीक्षक डीके सिंह के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक केके श्रीवास्तव की टीम ने ग्राम प्रधान राजकुमार पटेल और लेखपाल ज्ञानचंद सोनकर की मौजूदगी में गुरुवार की शाम रसूलपुर गांव में छापेमारी की। इसकी भनक पाकर चारों आरोपी मौके से भाग निकले।     अधिकारियों ने अफ ीम की फसल को खेत में ही नष्ट कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि खेत से करीब ढाई किलो अफ ीम की पैदावार होती, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब एक करोड़ है। अफ ीम की खेती की भनक किसी को न लगे, इसके लिए चारों ओर गेहूं और सरसों की फसल लगाई गई थी। अफीम की खेती पहली बार की जा रही थी या इसके पहले भी ऐसा किया जाता रहा है, इसकी जांच की जा रही है। बता दें कि 2006 में बाबतपुर के रघुनाथपुर में भी अफीम की खेती पकड़ी गई थी। आरोपी को दस साल की सजा हुई थी। 
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