धरने पर बैठी रागिनी की बहन नेहा व अन्य
- फोटो : अमर उजाला
बलिया की छात्रा रागिनी दूबे की हत्या के बाद अब उसके परिवार वालों ने भी जान का खतरा जताया है। शुक्रवार को रागिनी की बड़ी बहन नेहा सैकड़ों छात्र-छात्राओं के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं।
इस दौरान उसने पुलिस प्रशासन के लचर रवैये पर नाराजगी भी जताई तथा कहा कि आरोपियों की तरफ से परिवार वालों को बार-बार धमकी दी जा रही है। रागिनी हत्याकांड के बाद परिवार वालों को मिल रही धमकी के बाद जिले के छात्र संगठनों एवं सामाजिक संगठनों ने कलेक्ट्रेट परिसर में रागिनी की बड़ी बहन नेहा के साथ धरने पर बैठ गए।
इस दौरान परिवार के सदस्यों को मिल रही धमकी के लिए पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। छात्र संगठन के नेताओं ने पुलिस प्रशासन की लापरवाही के लिए भी जमकर भड़ास निकाली। कांग्रेस के नेता सागर सिंह राहुल ने कहा कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है।
पूरे प्रदेश में एंटी रोमियों गठित किए जाने के बाद भी बलिया की बेटी के साथ इस तरह से दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। यह शासन-प्रशासन की कलई खोलने के लिए कम नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के लोगों का संरक्षण आरोपियों को मिल रहा है।
रागिनी के पिता बोले- प्रधान होने के चलते सत्ता का मिल रहा संरक्षण
डीएम को ज्ञापन देती नेहा दूबे
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तभी तो दो आरोपियों को ही पुलिस ने गिरफ्तार किया। बाकी के आरोपियों ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। इस मौके पर लोगों ने रागिनी के हत्यारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम से रागिनी की बड़ी बहन नेहा दूबे ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपकर फांसी की सजा की मांग की।
साथ ही अपने परिवार की सुरक्षा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि उसकी छोटी बहन जो प्रत्यक्षदर्शी गवाह है। उसे भी सुरक्षा प्रदान की जाय। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि परिवार के लोगों को सुरक्षा दिलाई जाएगी।
रागिनी हत्याकांड प्रकरण में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई से मृतका के पिता जितेंद्र दूबे बेहद नाखुश हैं। वह आरोपियों द्वारा जी रही धमकी से काफी आहत है। उन्होंने कहा कि आरोपित ग्राम प्रधान को सत्ता और विपक्ष दोनों का संरक्षण मिल रहा है।
पुलिस ने दिखाई उदासीनता
रागिनी दूबे के पिता
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उसके खिलाफ जो कार्रवाई होनी चाहिए थी, उससे वह संतुष्ट नहीं हैं। एक सवाल के जबाब में बताया कि उनकी बेटी की सरेराह हत्या के बाद जिस तरीके से पुलिस ने उदासीनता दिखाई वह स्वच्छ लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
उन्होंने बताया कि घटना के दिन पुलिस को सूचना देने के दो घंटे बाद अस्पताल में शहर कोतवाल पहुंचे। उसके बाद भी पुलिस के आला अफसर नहीं पहुंचे। काफी देर बाद एएसपी एवं सीओ पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि आरोपी घटना के बाद उन्हें बार-बार धमका रहे हैं।
फिर भी कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जा रही है। घटना के बाद से भाजपा के बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह, राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी और नगर विधायक आनंद स्वरुप शुक्ला दो बार आए हैं। फिर भी मृतका के पिता ने कहा मुख्य आरोपी के पिता ग्राम प्रधान हैं जिसका लाभ वह ले रहा है। उसे सत्ता पक्ष और विपक्ष का लाभ मिल रहा है।