कहते हैं कि पुलिसकर्मी समाज की रक्षा के लिए होते हैं। उनके रहने से लोग निडर होकर चलते हैं। यूपी सरकार ने भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन किया है। लेकिन शुक्रवार की रात एक रक्षक ने इस भरोसे को तार-तार कर दिया और भक्षक बन गया।
रेवती थाना क्षेत्र के गोपाल नगर पुलिस चौकी की छत पर शुक्रवार की रात एक सिपाही को 15 साल की किशोरी से दुष्कर्म करते ग्रामीणों ने रंगे हाथ पकड़ा। ग्रामीणों ने आरोपी सिपाही को जमकर पीटा था। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित किशोरी के पिता की सदमे से मौत हो गई।
ग्रामीणों की माने तो सिपाही किशोरी को बहला-फुसलाकर रात में बुलाता था। उधर, पीड़ित किशोरी के चाचा ने छेड़खानी के प्रयास की तहरीर दी। जिस पर पुलिस ने पाक्सो एक्ट समेत अन्य धाराआें में मुकदमा दर्ज कर आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया।
शनिवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। गांव में तनाव को देखते हुए त्वरित कार्रवाई बल के अलावा थाने के तीन पुलिस कर्मी, एक सब इंस्पेक्टर की तैनाती कर दी गई है। वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के नरोत्तमपुर निवासी उक्त आरोपी सिपाही धरम प्रसाद गोपाल नगर चौकी पर साल भर से तैनात है।
पुलिस चौकी के चबूतरे पर गांव के कुछ युवक रोजाना की तरह शुक्रवार की रात भी सोए थे। शुक्रवार की रात चौकी की छत पर अभियुक्त सिपाही किशोरी के साथ दुूष्कर्म कर रहा था। जिसे चबूतरे पर सो रहे युवकों ने देख लिया। इसके बाद गुस्साए युवकों ने सिपाही को रंगे हाथ पकड़ा और उसे किशोरी के साथ लेकर छत से नीचे उतारा। इसके बाद सिपाही की जमकर धुनाई की।
उधर, जब घटना की जानकारी पीड़ित किशोरी के 60 वर्षीय पिता को हुई तो उन्हें गहरा सदमा लगा और कुछ देर में ही उनकी मौत हो गई। बताया जाता है कि पीड़ित किशोरी के चाचा ने लोकलाज के मारे छेड़खानी के प्रयास तथा सदमे में किशोरी के पिता की मृत्यु होने की तहरीर पुलिस को दी।
किशोरी ने गांव के प्रधान पर आरोप लगाया है कि उसने चाचा को बहलाकर गलत तहरीर दिलाई है। उसने गांव के ही कुछ अन्य लोगों पर भी दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पुलिस ने किशोरी के पिता के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शनिवार की भोर में एसडीएम बैरिया राधेश्याम पाठक, क्षेत्राधिकारी रामदरश यादव कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।