जैसे ही आदित्यनाथ की गाड़ी पहुंची कि पहले से ही घात लगाए लोगों ने ईंट पत्थर, सरिया, डंडा आदि से हमला बोल दिया। किसी तरह से उनकी जान बच सकी। बवाल होने से काफिला दो भागों में बंट गया। हरिबंश के मुताबिक योजनाबद्ध तरीके से योजना को अंजाम दिलवाया गया था।
हमलावरों ने रजादेपुर मठ के महंथ शिवहर्ष भारती की गाड़ी तोड़कर उन्हें चाकू मारकर घायल कर दिया। बम्हौर गांव निवासी मुन्नर यादव सहित अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। फायरिंग में मनीउल्लाह(18) नामक युवक की मौत हुई थी। लापरवाही पाए जाने पर तात्कालीन एसपी विजय गर्ग सहित अन्य को निलंबित किया गया था।
संयुक्त निदेशक अभियोजन वेद प्रकाश वर्मा ने बताया कि इस मामले में पुलिस की तरफ से शहर कोतवाली में केस दर्ज कराई गई। इसमें अपराध संख्या 997/2008 के अलावा ए,बी,सी, डी, ई तक में बलवा, मारपीट, डकैती, हत्या के प्रयास, हत्या तक की धाराएं आरोपियों पर लगाई गई है। सभी मामले में तीन से चार आरोपी नामजद और कई अज्ञात लोगों को आरोपित किया गया है।
बावजूद इसके शहर कोतवाली पुलिस अब तक विवेचना नहीं पूरी कर सकी। श्री वर्मा ने बताया कि साल 2017 में पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल करना चाहती थी, लेकिन फिर से विवेचना करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी करने के बाद ही चार्जशीट दाखिल करने को कहा गया है। अभी तक जांच पूरी नहीं हो सकी है।
इस संबंध में शहर कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि मामला पूराना है। पूरे मामले की विवेचना लगभग पूरी हो चुकी है। सिर्फ अंतिम मुकदमे की विवेचना शेष है। जिसे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा।