निजी बस चालकों ने रविवार की शाम रोडवेज के सामने एआरएम कार्मिक बीए त्रिपाठी को अगवा करने का प्रयास किया। दरअसल आजमगढ़ जा रही एक निजी बस रोडवेज के सामने सवारी बैठा रही थी। एआरएम ने मौके पर पहुंचकर इसका विरोध किया। इस पर विवाद बढ़ा और चालक व बस के अन्य स्टाफ ने उन्हें जबरन गाड़ी में बैठा लिया और बस लेकर भागने लगे। शोर मचाने पर रोडवेजकर्मी मौके पर पहुंचे और उन्हें किसी तरह मुक्त कराया। आरोप है कि रोडवेज कर्मियों से भी मारपीट भी की गई। पुलिस ने निजी बस को सीज कर दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
नियमत: रोडवेज परिसर के सौ मीटर के दायरे में कोई भी निजी वाहन स्टैंड संचालित नहीं हो सकता। इसके बाद भी निजी बस संचालक पूरे दिन रोडवेज के सामने से फर्राटा भरते रहते हैं। रोडवेज के आसपास से ही आजमगढ़, जौनपुर, इलाहाबाद, सोनभद्र के लिए निजी बसें चलती हैं। रविवार की शाम करीब 7:30 बजे रोडवेज परिसर के सामने से ही आजमगढ़ जाने वाली निजी सवारी बैठा रही थी। एआरएम कार्मिक बीएन तिवारी इसका विरोध करने पहुंचे।
आरोप है कि निजी बस चालकों ने उनके साथ हाथापाई की और उन्हें जबरन बस में बैठा कर ले जाने लगे। शोर मचाने पर एआरएम ग्रामीण आरसी दूबे समेत अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। आरोप है कि निजी बस चालकों ने उन लोगों के साथ भी हाथापाई की। एआरएम बीएन तिवारी को किसी तरह मुक्त कराया गया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस निजी बस को चोलापुर में पकड़ कर सीज कर दिया। चालक और खलासी को गिरफ्तार कर लिया गया। सीओ चेतगंज अनुराग आर्या का कहना है कि एआरएम से दुर्व्यवहार का मामला है। बस को सीज कर चालक और खलासी को गिरफ्तार कर लिया गया है।