बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटते स्वयंसेवी संगठनों के सदस्य।
गंगा में शनिवार की शाम घटाव की गति तेज हो गई लेकिन मुसीबतों का उफान नहीं थमा। गांव से शहर तक बर्बादी मचाने वाली बाढ़ ने एक और की जान ले ली। 10 दिन से बाढ़ से घिरे रामानुज नगर में बीमार एक महिला कुंती झा (59) की मौत हो गई। वह कई दिनों से डायरिया से पीड़ित थी। उसे जल एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। इसी के साथ अब तक बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। शाम सात बजे तक गंगा का जलस्तर घटाव पर 71.81 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 55 सेंटीमीटर ऊपर है।
रविवार की शाम तक खतरे के निशान से जलस्तर नीचे उतरने का अनुमान है। बाढ़ खिसकने के साथ ही एक तरफ लोग घरों में फैले कीचड़-पानी की सफाई में जुट गए, तो दूसरी ओर उल्टी-दस्त, बुखार और त्वचा के रोगियों की अस्पतालों में भीड़ लग गई। वाराणसी में गंगा तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से घट रही हैं लेकिन ऊपरी सतह के इलाहाबाद, सीतामढ़ी में घटाव की गति पांच सेंटीमीटर प्रति घंटा हो गई है। केंद्रीय जल आयोग के विशेषज्ञों ने रविवार की शाम तक गंगा के खतरे के निशान से नीचे आने का अनुमान व्यक्त किया है। पिछले पांच दिनों से दशाश्वमेध सब्जी मंडी से लेकर आधे बाजार तक आई बाढ़ शाम तक खिसक गई।
पर्यटकों से गुलजार रहने वाली बंगाली टोला, खालिसपुरा गली से भी पानी उतर गया। हालांकि अभी प्राचीन दशाश्वमेध घाट से लगी सड़क पर पानी भरा हुआ है लेकिन सब्जी बाजार पटरी पर सज गया। उधर, अस्सी में जगन्नाथ मंदिर से गंगा नीचे खिसक गई। नगवा चुंगी से भी बाढ़ का पानी उतर गया। इससे कई मार्गों पर यातायात शुरू हो गया है लेकिन रामानुज नगर, गंगोत्री बिहार, सत्यमनगर, सामने घाट, नगवा, मलहिया, मदरवा, रमना के कई इलाकों में अभी नावों से ही आवागमन हो रहा है।