सेंट्रल जेल में निरुद्ध एमएलसी बृजेश सिंह के करीबी कुख्यात अजय कुमार सिंह मरदह उर्फ गुड्डू और उसके दो अन्य साथियों को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। इससे पहले अजय मरदह, राजू सिंह और सन्नी सिंह को आज रामबिहारी चौबे हत्याकांड में कोर्ट में पेश किया गया।
अदालत ने तीनों को 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। बता दें कि बुधवार की रात से गुरुवार की सुबह तक चली साढ़े नौ घंटे की लंबी घेरेबंदी के बाद पुलिस ने अजय और सनी को चांदमारी स्थित लैंडमार्क टॉवर के फ्लैट से हिरासत में लिया था।
जबकि राजू को भभुआ से गिरफ्तार किया गया था। अजय के फ्लैट पर पुलिस के धमकने की जानकारी पाकर पहुंचे सैयदराजा से भाजपा विधायक सुशील सिंह ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। हिरासत में लेने का कारण पूछने पर पुलिस से नोकझोंक भी हुई। अजय पर विभिन्न थानों में हत्या सहित अन्य आरोपों में कुल 21 मुकदमे दर्ज हैं।
चौबेपुर थाना क्षेत्र के श्रीकंठपुर निवासी रामबिहारी चौबे की चार दिसंबर 2015 को घर पर ही बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। चंदौली की सकलडीहा विधानसभा से 2012 में बसपा से चुनाव लड़ चुके रामबिहारी चौबे एमएलसी बृजेश के करीबियों में गिने जाते थे।
भाजपा विधायक सुशील सिंह का विरोध भी काम नहीं आया
susheel singh
- फोटो : अमर उजाला
इससे आशंका जताई गई कि बृजेश से बदला लेने के लिए उनके धुरविरोधी इंद्रदेव सिंह उर्फ बीकेडी ने इस वारदात को अंजाम दिया। हालांकि रामबिहारी चौबे के पुत्र अमरनाथ चौबे ने किसी को नामजद न करते हुए अज्ञात के खिलाफ चौबेपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
तब से अब तक पुलिस की जांच किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाई है। फिलहाल शिवपुर के लैंडमार्क टॉवर के फ्लैट में ठिकाना बनाए अजय मरदह को हिरासत में लेने के लिए शिवपुर और चौबेपुर पुलिस ने बुधवार की रात में ही छापेमारी की लेकिन फ्लैट का दरवाजा नहीं खुला।
फ्लैट में मौजूद किसी महिला ने जवाब दिया कि अजय घर पर नहीं है और वह अकेली है। हालांकि पुलिस गुरुवार की सुबह साढ़े दस बजे तक फ्लैट घेरे रही। भाजपा विधायक सुशील सिंह नौ बजे के करीब अपने अधिवक्ता के साथ यहां आए तब फ्लैट का दरवाजा खुला।
विधायक के विरोध को दरकिनार करते हुए पुलिस ने फ्लैट से अजय और सन्नी को हिरासत में ले लिया। एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर अजय और उसके साथी को एक महत्वपूर्ण मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।