बीएचयू में डाक्टरों और छात्रों के बीच मारपीट की घटना को एक हफ्ता भी नहीं बीता कि शनिवार को फिर बवाल हो गया।
आठ दिसंबर को ट्रामा सेंटर में हुई मारपीट में शामिल बीएचयू के छात्र सुबोध कांत मिश्र को सर सुंदरलाल अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों ने पीट दिया।
मारपीट की जानकारी बिड़ला हास्टल के छात्रों को हुई तो वे हाकी और डंडे लेकर अस्पताल पहुंच गए, जहां दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। घटना से अफरातफरी का माहौल हो गया।
हालात को देखते हुए ट्रामा सेंटर और सर सुंदर लाल अस्पताल में पुलिस के साथ आरएएफ और पीएसी तैनात कर दी गई है।
साथ ही पांच छात्रों को हिरासत में लिया गया है। देर रात लंका एसओ संजीव कुमार मिश्र ने बताया कि सुबोध कांत मिश्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बीएचयू में आठ दिसंबर को मारपीट की घटना के विरोध में चार दिन से हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने शनिवार से इमरजेंसी ड्यूटी पर लौटे।
शाम को सुबोध कांत किसी मरीज को दिखाने सर सुंदर लाल अस्पताल पहुंचे। जहां जूनियर डॉक्टरों ने यह कहते हुए उसकी पिटाई कर दी कि पिछले दिनों मारपीट में वह भी शामिल था।
बवाल की जानकारी मिलने पर लंका पुलिस अस्पताल पहुंच गई और सुबोध को पकड़कर थाने ले गई। वहीं, सुबोध की पिटाई और पुलिस द्वारा उठाए जाने की खबर के बाद उसके साथियों ने बवाल कर दिया।
बिरला हॉस्टल के छात्र हॉकी, डंडा लेकर अस्पताल पहुंचे और तोड़फोड़ करने लगे। यहां से छात्रों का झुंड ट्रामा सेंटर पहुंचा। हालांकि यहां पर पहले से मुस्तैद पुलिस व सुरक्षाकर्मियों के चलते वे अंदर नहीं जा पाए।
फिर छात्रों ने धनवंतरि हॉस्टल पहुंचकर गाली गलौज की और प्राक्टोरियल बोर्ड आफिस भी पहुंचे, जहां से उन्हें खदेड़ दिया गया। इसके बाद बिरला चौराहे पर पहुंचकर हंगामा किया।
यहां से छात्र सर सुंदर लाल अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंच गए, जहां जूनियर डॉक्टरों के बीच उनकी मारपीट हुई। मामला बढ़ता देख मौके पर कई थानों की फोर्स बुला ली गई है।
ट्रामा सेंटर में पीएसी और बीएचयू अस्पताल में पीएसी के साथ आरएएफ भी लगा दी गई है। वहीं, इमरजेंसी में ताला लगा दिया गया है।
चीफ प्रॉक्टर प्रो. सत्येंद्र सिंह का कहना है कि अस्पताल और ट्रामा सेंटर में फोर्स तैनात कर दी गई है।
बताया ये भी जा रहा है कि सुबोध जब अस्पताल पहुंचा तो सुरक्षाकर्मियों ने उसे वहीं बैठा लिया और उसके साथियों को ये गलत सूचना दी गई कि जूनियर डाक्टरों ने उसे पीटा है। इस मामले में पांच छात्रों को हिरासत में लिया गया है।