विक्रेता के पास वह जमीन किस तरह से आई, इसकी भी जांच पड़ताल नहीं की गई। यही नहीं, छह अगस्त 1989 को तत्कालीन एसडीएम के त्रुटिपूर्ण आदेश की जांच करना भी जरूरी नहीं समझा गया। रिपोर्ट में 17 जुलाई को दस आदिवासियों की हत्या का जिम्मेदार सीधे तौर पर उप जिलाधिकारी राजकुमार को ठहराया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राजकुमार ने निजी हित में नियम विरुद्ध आदेश पारित कर दिया है। ऐसे में इन्हें निलंबित करते हुए राजस्व परिषद से संबद्ध किया जाता है।
राजकुमार पर सोनभद्र में भी होगी एफआईआर :
उपजिलाधिकारी राजकुमार पर सोनभद्र में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। शासन ने रविवार को इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। शासन से जिलाधिकारी को कहा गया है अपने स्तर से राजकुमार के खिलाफ थाने में एफआईआर कराते हुए शासन को भी अवगत कराएं।