बिहार टॉपर्स घोटाले के मास्टरमाइंड लालकेश्वर प्रसाद सिंह और मामले की सह आरोपी उनकी पत्नी उषा सिन्हा सोमवार की रात भेलूपुर थाने की हवालात में रखा गया। दोनों को पूरी रात नींद नहीं आई। इंस्पेक्टर के कक्ष से सटे कमरे में फर्श पर चादर बिछाकर वे करवटें बदलते रहे। इस दौरान दोनों ने कभी सीने में दर्द तो कभी घबराहट की शिकायत पुलिस से की।
हालांकि मंगलवार को दिन निकलने से पहले ही बिहार एसआईटी लालकेश्वर और उषा के अलावा उन्हें शरण देने के आरोपी प्रभात कुमार जायसवाल को लेकर पटना रवाना हो गई। दोनों को 24 घंटे के अंदर न्यायालय में पेश करने की आपाधापी में एसआईटी ने ट्रांजिट रिमांड भी नहीं बनवाया। भेलूपुर थाने में लिखा-पढ़ी कराने के बाद वह तीनों आरोपियों को साथ लेती गई।
लालकेश्वर और उषा की मदद करने के आरोप में एसआईटी ने एक शराब कारोबारी को भी चिह्नित किया है। पुलिस का कहना है कि एसआईटी उस शराब कारोबारी से पूछताछ करने फिर यहां आ सकती है। एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि लालकेश्वर, उषा और प्रभात को लेकर एसआईटी पटना रवाना हो गई है। वाराणसी पुलिस एसआईटी की पूरी मदद कर रही है।
... तो नाम-पते की नहीं की जाती तस्दीक
वाराणसी। लालकेश्वर प्रसाद सिंह और उषा सिन्हा से पूछताछ में सामने आया कि वे बीते 10 दिनोें से प्रभात की मदद से शहर के अलग-अलग होटलों, लॉजों, धर्मशालाओं और आश्रमों में ठहरे हुए थे। जो नाम-पता बता देते थे उसी के आधार पर कमरा मिल जाता था। एकाध-दो जगह को छोड़कर आईडी प्रूफ भी नहीं चेक किया गया। जबकि, एसएसपी की ओर से थानाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश है कि वे अपने इलाके के सभी होटल-लॉज धर्मशालाओं का औचक निरीक्षण कर वहां के रजिस्टरों को चेक करें। यह लापरवाही कभी भी बड़ी मुसीबत का सबब बन सकती है।
पटना पुलिस को झटका लालकेश्वर गए जेल
लालकेश्वर प्रसाद सिंह और उनकी पत्नी जदयू की पूर्व विधायक उषा सिन्हा को 14 दिनों के न्यायिक हिरासत में बेऊर केंद्रीय जेल भेज दिया गया है। पटना पुलिस इनका रिमांड चाहती थी, लेकिन अब बुधवार को पुलिस इनकी रिमांड के लिए कोर्ट में याचिका दायर करेगी। तीनों की पटना सिविल कोर्ट में पेशी हुई। कोर्ट ने लालकेश्वर प्रसाद और उषा सिन्हा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। साथ ही पटना पुलिस की इस अपील को भी मानने से इनकार कर दिया कि लालकेश्वर को रिमांड पर लिया जाए।