अपर जिला जज चतुर्दश महेंद्र श्रीवास्तव की अदालत ने सुनाई सजा
सारनाथ के पैगंबरपुर निवासी रामजी गुप्ता व उनके दो पुत्रों सतीश व संदीप गुप्ता को अदालत ने 10-10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अपर जिला जज चतुर्दश महेंद्र श्रीवास्तव की अदालत ने जानलेवा हमले के मामले में अभियुक्त पिता-पुत्रों दोषी पाने पर 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 75-75 सौ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन के एडीजीसी मुनीब सिंह चौहान के अनुसार लेढ़ूपुर फुटहवानारा आशापुर निवासी वादी राहुल गुप्ता ने सारनाथ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
आरोप था कि वादी अपने पिता काशीनाथ के साथ 7 जून 2014 की रात पंचक्रोशी स्थित अपनी आटा और मशाला चक्की बंद कर घर जा रहा था।
तभी रुप्पनपुर नटुई के समीप पिता-पुत्र सारनाथ के पैगंबरपुर निवासी रामजी गुप्ता, सतीश व संदीप गुप्ता पुरानी रंजिश को लेकर हम लोगों को रोक लिए।
रुकते ही उन लोगों ने जान से मारने की नियत से मेरे पिता पर चाकुओं से हमला कर दिया। जब मैं बचाने आया तो उन लोगों ने मुझे भी जान से मारने के लिए दौड़ा लिया।
शोर मचाने पर आसपास के लोगों के आने पर वह लोग धमकी देते हुए वहां से भाग गए।
बाद में घायल पिता को उपचार के लिए दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पिता-पुत्रों रामजी गुप्ता, सतीश व संदीप गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।