सूजाबाद स्थित शक्ति घाट के सामने सोमवार दोपहर गंगा में एक युवक और किशोरी का शव उतराया मिला। दोनों की शिनाख्त कबीरचौरा के योगेश सेठ (18) और ब्रह्मनाल की कशिश खन्ना उर्फ गुड्डन (16) के रूप में की गई। दोनों लहुराबीर स्थित एक निजी स्कूल में 11वीं में पढ़ते थे।
दोनों एक दूसरे से प्रेम करते थे। शव मिलने पर घाट पर गहमागहमी का माहौल रहा। उधर, मौके पर पहुंची रामनगर तथा मुगलसराय पुलिस सीमा विवाद को लेकर उलझी रही। काफी जिच के बाद रामनगर पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया।
शव निकाला गया तो युवक का चेहरा काफी क्षतिग्रस्त था। पुलिस ने युवक की पैंट की जेब से बरामद मोबाइल फोन के आधार पर दोनों की शिनाख्त कराई। मौके पर कशिश के पिता साड़ी व्यवसायी चंदन खन्ना और योगेश के पिता विश्वेश्वरगंज के आढ़ती संजीव सेठ पहुंचे।
पता चला कि कशिश और योगेश घर से आठ अप्रैल से लापता थे। पुलिस के अनुसार चंदन ने पहले कशिश की शिनाख्त से इंकार कर दिया। पुलिस ने योगेश के मोबाइल से बरामद नंबरों के आधार पर जब चंदन से पूछताछ की तो उन्होंने स्वीकार किया कि कशिश उनकी बेटी है।
चंदन ने बताया कि कशिश आठ अप्रैल से लापता थी। उसके अपहरण के आरोप में चौक थाने में योगेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। उधर, संजीव ने बताया कि उन्होंने योगेश की गुमशुदगी की रिपोर्ट कोतवाली थाने में दर्ज कराई थी।
संजीव का आरोप था कि कशिश के घरवालों ने उनके बेटे के चेहरे पर तेजाब उड़ेलकर मार डाला। फिर शव गंगा में फेंक दिया। कशिश के पिता चंदन ने योगेश के घरवालों पर हत्या कर शव गंगा में फेंकने का आरोप लगाया। क्षेत्राधिकारी कोतवाली अखिलेश सिंह ने बताया कि कशिश और योगेश एक-दूसरे से प्रेम करते थे।
परिवार वालों को यह स्वीकार नहीं था। इससे आजिज दोनों ने आत्महत्या कर ली। जांच में सामने आए तथ्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।