वाराणसी। टीबी रोग उन्मूलन के लिए इंडियन चेस्ट सोसायटी की ओर से देश भर में कैंपेन चलाया जाएगा। इसके माध्यम से न केवल टीबी के नए मरीजों की तलाश की जाएगी, बल्कि जांच के दौरान मिलने वाले मरीजों का बेहतर इलाज भी कराया जाएगा। रविवार को नदेसर स्थित एक होटल में आयोजित इंडियन चेस्ट सोसायटी की कार्यसमिति की बैठक इसका फैसला हुआ। बैठक के बाद सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. सुधीर चौधरी, पूर्व अध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत और डॉ. जेके समारिया ने बताया कि 2025 तक टीबी से मुक्ति का लक्ष्य है।
सोसायटी की ओर से आयोजित कांफ्रेंस में बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान की तरह ही चेस्ट सोसायटी की ओर से चार जोन और 29 राज्यों में अभियान चलाया जाएगा। बनारस में इसके लिए डॉ. समारिया को इंचार्ज बनाया गया है। चिकित्सकों ने बताया कि वर्तमान में 28 लाख लोग टीबी से ग्रसित है, जिसमें से हर साल करीब 4.50 लाख लोगों की इस बीमारी से मौत हो रही है। विश्व में टीबी मरीजों में 25 प्रतिशत भारतीय हैं। इसके अलावा अस्थमा के मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। इससे नशा मुक्ति के साथ ही खान-पान आदि पर विशेष ध्यान देना होगा। इस दौरान चेस्ट रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक डॉ. संदीप साल्वी, आयोजन सचिव डॉ. कुमार उत्सव, डॉ. डी बेहरा, डॉ. एसके लुहाड़िया, डॉ. विजय लक्ष्मी आदि मौजूद रहे।
वाराणसी। विश्व क्षय दिवस पर सामाजिक संस्था संकल्प की ओर से क्षय मुक्त काशी निरोग काशी अभियान के तहत रविवार को लोगों में पर्चे बांटे गए। इसके माध्यम से टीबी के कारण और बचाव के बारे में जागरूक किया गया। संस्था के बैनर तले अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज सामुदायिक सेवा केंद्र और आहार पोषण विभाग की छात्राओं ने परमानंदपुर गांव में नाटक का मंचन किया। कार्यक्रम में संकल्प के संरक्षक अनिल जैन, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. कुमकुम मालवीय, रमेश चंद्र अग्रवाल, राधेकृष्ण टकसाली आदि मौजूद रहे।
सीएमओ कार्यालय में आयोजित संगोष्ठी में लोगों को टीबी रोग उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी के मरीजों के लिए नि:शुल्क जांच की सुविधा है। इस बारे में लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।