वाराणसी। जिले में 8 से 22 मार्च तक चलाए गए सुपोषित जननी, विकसित धरनी पखवाड़े के तहत पहली बार गर्भवती 1328 महिलाओं का पंजीकरण किया गया। इसमें सबसे अधिक बड़ागांव ब्लॉक 184 और शहरी क्षेत्र में 182 रहा। इसके अलावा काशी विद्यापीठ, पिंडरा, हरहुआ ब्लॉक में 150 से अधिक पंजीकरण किए गए।
गर्भवती महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से चले पखवाड़े में महिलाओं को जागरूक भी किया गया। इसके अलावा जनवरी 2017 में शुरू प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत जिले में 26 मार्च 2019 तक 26,669 लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है। जिला कम्यूनिटी प्रोसेस मैनेजर रमेश वर्मा ने बताया कि इस योजना के तहत पहली बार गर्भवती हुई महिलाओं के उचित खानपान के लिए सरकार द्वारा तीन किस्तों में 5000 रुपये दिए जाते हैं। अस्पताल में पंजीकरण कराने के साथ ही प्रथम किश्त एक हजार रुपये, प्रसव से पहले कम से कम एक जांच होने पर (गर्भावस्था के छह माह बाद) दूसरी किश्त के रूप में दो हजार रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और पहला टीकाकरण लगने के बाद तीसरी किश्त के रूप में दो हजार रुपये दिए जाते हैं। ये सभी भुगतान महिला के बैंक खाते में किया जाता है।
योजना का लाभ पात्रों को मिल सके इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।
योजना के तहत जनवरी 2017 से 26 मार्च 2019 तक चले पंजीकरण में आराजीलाइन में सबसे अधिक 3,892 पंजीकरण हुए। इसके अलावा बड़ागांव में 2,748, चोलापुर में 2,330, चिरईगांव में 2,379, हरहुआ में 2,901, काशी विद्यापीठ में 3,311 पिंडरा में 2,670, सेवापुरी में 2,529 एवं जनपद के शहरी क्षेत्र में 3,495 लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है।