मछलीशहर। स्थानीय तहसीलदार के न्यायालय मे ग्राम गोहका की एक पत्रावली मीरा देवी बनाम जोखन लंबित है । जिसमें मीरा देवी ने बैनामे के आधार पर क्त्रस्ेता का नाम निरस्त कर अपना नाम दर्ज करने का अनुरोध किया है। मुकदमे की उक्त पत्रावली बीते वर्ष ही अदम पैरवी मे खारिज हो गई थी। जिसको रिस्टोर करने के लिए मीरा देवी ने तजबिजसानी प्रार्थनापत्र दे रखा है। लेकिन निरस्त पत्रावली मे बिना किसी न्यायिक आदेश के नामांतरण की कार्यवाही कर दी गई और फैसला मालिकान रजिस्टर के साथ-साथ खतौनी में भी दर्ज हो गया। जबकि पीठासीन अधिकारी और तहसीलदार को इसकी भनक तक नहीं है। मजे की बात यह है कि आज ही उसमें तारीख भी लगी है। वादी मुकदमा मीरा देवी जो आज अपनी निरस्त पत्रावली ठीक कराने आई थी। वे स्वयं अपने पक्ष में हुए निर्णय से आश्चर्य चकित है। तहसीलदार अरविंद कुमार ने कहा कि यह गंभीर मामला है । जब मैंने कोई आदेश पारित ही नहीं किया तो पत्रावली में आदेश कैसे पारित हुआ। यह जांच का विषय है।