थाने के मालखाने में रखा सामान अगर गायब हो जाए तो पुलिस की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में आना लाजिमी है। ताजातरीन मामले में शहर के कोतवाली थाने के मालखाने में रखे 14 लाख 60 हजार रुपये गायब पाए गए। मामला सामने आने पर आनन फानन में एसएसपी को जानकारी दी गई। कोतवाली थाने के एक दरोगा, हेड मोहर्रिर एवं एक कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी गई है। हेड मोहर्रिर को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच राजपत्रित अधिकारी से कराई जाएगी।
आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद थानों के मालखाने में रखे 500 और 1000 के पुराने नोट का निस्तारण न्यायालय की अनुमति से किया जा रहा है। इस क्रम में क्षेत्राधिकारी कोतवाली ने अपने सर्किल के कोतवाली, आदमपुर और रामनगर थाने के प्रभारियों को निर्देश दिया था कि मालखाने में रखे 500 और 1000 के पुराने नोटों का मिलान कराएं और न्यायालय का आदेश लेकर उन्हें 31 दिसंबर से पहले राजकोष में जमा कराएं। इस प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए शुक्रवार को कोतवाली थाने में प्रतिबंधित नोटों का मिलान कराया जा रहा था। इसी दौरान पता चला कि पांच जून, 2013 में जालसाजी और जुआ के एक मामले में मालखाने में रखा गया 14 लाख 60 हजार रुपया गायब है।
एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि कोतवाली थाना प्रभारी की तहरीर पर हेड दरोगा तेज बहादुर सिंह, मोहर्रिर मानजीत प्रसाद एवं कांस्टेबल अनुपम तिवारी के खिलाफ अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज किया गया है। हेड मोहर्रिर मानजीत यादव को निलंबित कर दिया गया है। मुकदमे की कार्यवाही केे दौरान मालखाने का प्रभार मानजीत प्रसाद के पास था।